Bihar: श्रावणी मेला और कांवर यात्रा को लेकर बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शिव भक्तों की सुविधा के लिए कई जगहों पर आधुनिक टेंट सिटी और कैंप बनाए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर रहने, खाने और स
Bihar: श्रावणी मेला और कांवर यात्रा को लेकर बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शिव भक्तों की सुविधा के लिए कई जगहों पर आधुनिक टेंट सिटी और कैंप बनाए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर रहने, खाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि यात्रियों को कोई परेशानी न हो।
Bihar में टेंट सिटी की क्या है योजना
बिहार में आगामी श्रावणी मेला 2026 के लिए पर्यटन विभाग ने विस्तृत योजना बनाई है। सुल्तानगंज से दुम्मा तक के रास्ते में अलग-अलग क्षमता की टेंट सिटी प्रस्तावित हैं। बाबा अजगैबीनाथ सुल्तानगंज में 500 बेड, बांका के अबरखा में 600 बेड, धौरी में 200 बेड और गोदियारी में 250 बेड की व्यवस्था होगी। इसके अलावा मुंगेर के खैरा और धोबई में 200-200 बेड और असारगंज में 300 बेड की क्षमता वाले टेंट बनाए जाएंगे। यहां बिजली, शौचालय, पंखे, कूलर और सीसीटीवी निगरानी जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
UP और Delhi में सुरक्षा और कैंप के नियम
उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवर यात्रा के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की है। यात्रा के दौरान भाले और त्रिशूल जैसे हथियारों पर रोक रहेगी। डीजे के लिए ध्वनि सीमा तय की गई है और बिजली के तारों से बचाव के लिए कांवर की ऊंचाई का ध्यान रखा जाएगा। वहीं दिल्ली सरकार ने करीब 185 कैंप लगाने की तैयारी की है, जिनमें जलरोधक टेंट और चिकित्सा सुविधाएं होंगी। कश्मीरी गेट का कैंप सबसे बड़ा होगा, जहां 20,000 लोग रुक सकेंगे।
यात्रा के दौरान किन बातों का रखना होगा ध्यान
सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी की जाएगी। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और NH-9 पर कैंप लगाने की अनुमति नहीं होगी, क्योंकि यह रास्ता डाक कांवरियों के लिए आरक्षित रहेगा। पैदल चलने वाले भक्तों के लिए पारंपरिक रास्तों पर शिविर लगाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा के लिए 10,000 से अधिक महिला पुलिसकर्मी तैनात की गई हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में श्रावणी मेला 2026 कब से कब तक है
बिहार में श्रावणी मेला 2026 का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक होने वाला है।
उत्तर प्रदेश में कांवर यात्रा के लिए क्या नियम हैं
UP सरकार ने भाले और त्रिशूल ले जाने पर रोक लगाई है। डीजे की आवाज तय सीमा में होनी चाहिए और सुरक्षा के लिए ड्रोन व सीसीटीवी का इस्तेमाल किया जाएगा।