Kanwar Yatra 2026: दिल्ली-दून हाईवे और मेरठ एक्सप्रेसवे पर बदलेंगे ट्रैफिक नियम, जानिए कब से बंद रहेंगे रास्ते
UP/Uttarakhand: कांवड़ यात्रा 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। अगर आप इस हफ्ते वेस्ट यूपी या उत्तराखंड की तरफ जाने का प्लान बना रहे हैं, तो पुलिस की नई ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देख लें। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और
UP/Uttarakhand: कांवड़ यात्रा 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। अगर आप इस हफ्ते वेस्ट यूपी या उत्तराखंड की तरफ जाने का प्लान बना रहे हैं, तो पुलिस की नई ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देख लें। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ को देखते हुए कई हाईवे और एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की आवाजाही को लेकर कड़े नियम लागू किए हैं।
कांवड़ यात्रा 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 11 अगस्त 2026 तक चलेगी। श्रावण शिवरात्रि के दिन जल अभिषेक के लिए सबसे ज्यादा भीड़ रहेगी, जबकि सावन का महीना 28 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान दिल्ली-हरिद्वार हाईवे और गंगा नहर रोड पर 30 जुलाई से भारी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी। 4 अगस्त से 12 अगस्त के बीच इन रास्तों पर सभी तरह के वाहनों का पूरी तरह बैन रहेगा।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के यूपी सेक्शन को 7 अगस्त से 12 अगस्त तक बंद रखा जाएगा। यहां भारी वाहनों पर पाबंदी 29 जुलाई से ही लागू हो जाएगी। वहीं, नया बना दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे आम गाड़ियों के लिए खुला रहेगा, लेकिन सुरक्षा कारणों से यहां कांवड़ियों या पैदल यात्रियों को जाने की अनुमति नहीं होगी।
| रास्ता/हाईवे | प्रतिबंध की तारीख | नियम |
|---|---|---|
| दिल्ली-हरिद्वार हाईवे और गंगा नहर रोड | 30 जुलाई से 12 अगस्त | 30 जुलाई से भारी वाहन बंद, 4-12 अगस्त तक पूर्ण बैन |
| दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (UP सेक्शन) | 7 अगस्त से 12 अगस्त | 7-12 अगस्त तक बंद, 29 जुलाई से भारी वाहन प्रतिबंधित |
| NH-58 (मेरठ-मुजफ्फरनगर-हरिद्वार) | 2 अगस्त (आधी रात से) | बाएं लेन आम गाड़ियाँ, दाएं लेन वापस आने वाले कांवड़िए |
| दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे | यात्रा अवधि के दौरान | आम ट्रैफिक के लिए खुला, पैदल कांवड़ियों के लिए बंद |
मेरठ पुलिस ने 29 जुलाई से चरणबद्ध तरीके से ट्रैफिक प्लान लागू किया है। इसके तहत NH-58, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर भारी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी। 5 अगस्त से 12 अगस्त के बीच दिल्ली-देहरादून हाईवे के कुछ हिस्सों को पूरी तरह बंद किया जा सकता है। पैदल यात्रियों के लिए ऊपरी गंगा नहर मार्ग तय किया गया है, जबकि डाक कांवड़ और भारी वाहनों को NH-34 और हरिद्वार-बिजनौर रूट से भेजा जाएगा।
प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाए हैं। उत्तराखंड बॉर्डर में प्रवेश के लिए सरकारी फोटो आईडी अनिवार्य है। किसी भी तरह के हथियार जैसे त्रिशूल, भाला, हॉकी स्टिक या तलवार ले जाना मना है। डीजे की ऊंचाई 10 फीट और चौड़ाई 12 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, साथ ही आवाज 75 डेसिबल तक सीमित रहेगी। मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को मेडिकल कैंप, एम्बुलेंस और सफाई के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील इलाकों में CCTV कैमरे, ड्रोन और AI आधारित निगरानी रखी जाएगी। आम यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, NH-9, NH-44 और हापुड़ रोड जैसे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।