Kanwar Yatra 2026: Delhi और UP में तैयारियां तेज, CM रेखा गुप्ता और योगी आदित्यनाथ ने दिए सख्त निर्देश
Delhi/UP: सावन के महीने में होने वाली कांवड़ यात्रा 2026 के लिए दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्
Delhi/UP: सावन के महीने में होने वाली कांवड़ यात्रा 2026 के लिए दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिवभक्तों की सुविधा और सुरक्षा में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। इस बार यात्रा 30 जुलाई 2026 से शुरू होगी और 11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि के दिन जल अभिषेक के साथ संपन्न होगी।
दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी जिला मजिस्ट्रेट्स को निर्देश दिए हैं कि यात्रा शुरू होने से पहले पीने के पानी, साफ-सफाई, बिजली और मेडिकल सुविधाओं का पूरा इंतजाम कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि हर कांवड़िए को एक सम्मानित अतिथि की तरह माना जाए। दिल्ली में कांवड़ समितियों का रजिस्ट्रेशन 1 जुलाई 2026 से ऑनलाइन शुरू होगा, जिसके लिए MCD के साथ मिलकर सफाई व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, हाल ही में हुई बारिश के कारण दिल्ली में जलभराव की समस्या देखी गई है, जिससे ट्रैफिक मैनेजमेंट में चुनौती आ सकती है।
वहीं, उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रूट पर 24 घंटे ड्रोन और CCTV कैमरों से निगरानी रखने के आदेश दिए हैं। उन्होंने संवेदनशील इलाकों में खुफिया एजेंसियों को अलर्ट रहने को कहा है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो। प्रयागराज में जाम से बचने के लिए शास्त्री ब्रिज के पास एक अलग ‘कांवड़ पथ’ बनाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।
सुरक्षा और ट्रैफिक को लेकर प्रशासन ने कुछ कड़े नियम बनाए हैं, जिन्हें जानना शिवभक्तों के लिए जरूरी है:
| विषय | नियम और दिशा-निर्देश |
|---|---|
| ट्रैफिक रूट | NH 58 और हरिद्वार जाने वाली मुख्य सड़कों पर भारी वाहनों की रोक रहेगी। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) पर यात्रा की अनुमति होगी, लेकिन दिल्ली-देहरादून और गंगा एक्सप्रेसवे बंद रहेंगे। |
| कैंप नियम | कोई नया कैंप नहीं लगेगा। पुराने अधिकृत कैंप सड़कों से सुरक्षित दूरी पर होंगे और वहां महिला-पुरुषों के लिए अलग व्यवस्था होगी। |
| सुरक्षा नियम | दूसरे राज्यों से आने वाले भक्तों के लिए आईडी कार्ड अनिवार्य है। त्रिशूल, भाला या कोई भी हथियार ले जाने की अनुमति नहीं होगी। |
| स्वास्थ्य जांच | यात्रा शुरू करने से पहले भक्तों के लिए हेल्थ चेक-अप जरूरी होगा और कैंपों में एंटी-वेनम किट रखनी होगी। |
वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि प्रमुख रास्तों पर लाइटिंग, बैरिकेडिंग और इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। साथ ही अवैध बस स्टैंड और अतिक्रमण को हटाया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी न हो।