UP: कानपुर के हजारों परिवारों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि शहर में नए बिल्डिंग बायलॉज लागू हो गए हैं। अब 9 मीटर से कम चौड़ी गलियों में नए मकान बनाना या पुराने घरों की मरम्मत करना मुश्किल हो गया है। इस फैसले का सीधा असर शहर
UP: कानपुर के हजारों परिवारों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि शहर में नए बिल्डिंग बायलॉज लागू हो गए हैं। अब 9 मीटर से कम चौड़ी गलियों में नए मकान बनाना या पुराने घरों की मरम्मत करना मुश्किल हो गया है। इस फैसले का सीधा असर शहर के घनी आबादी वाले इलाकों पर पड़ा है जहाँ गलियां काफी संकरी हैं।
नया नियम क्या है और कौन से इलाके प्रभावित हुए
कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) के नए नियमों के मुताबिक अब किसी भी भूखंड का नक्शा पास कराने के लिए सड़क की चौड़ाई कम से कम 9 मीटर होना जरूरी है। इस नियम की वजह से शहर के 125 से ज्यादा मोहल्ले प्रभावित हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक लगभग 2 लाख मकान अब इस दायरे में आ गए हैं, जिससे लोगों को निर्माण कार्य में दिक्कत आएगी।
मास्टर प्लान 2031 और सरकार का उद्देश्य
प्रशासन ने बताया है कि सुरक्षा और अग्निशमन वाहनों (Fire Brigade) की आसान पहुंच के लिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि मास्टर प्लान 2031 के तहत निर्मित क्षेत्रों में 4 मीटर चौड़ी सड़कों पर भी नक्शे पास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेश के अनुकूल मॉडल बिल्डिंग बायलॉज को जल्द लागू करने के निर्देश दिए हैं और इसका मसौदा सार्वजनिक सुझावों के लिए जारी किया गया है।
व्यापारियों और स्थानीय लोगों की मांग
नियमों के कड़े होने से लोग परेशान हैं। हाल ही में घंटाघर इलाके के व्यापारियों ने महापौर प्रमिला पांडे को ज्ञापन सौंपा था। व्यापारियों का कहना है कि दुकानों को टूटने से बचाने के लिए सड़क की चौड़ाई 12 मीटर के बजाय 9 मीटर रखी जाए ताकि निर्माण कार्य में आसानी हो और नुकसान कम हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कानपुर में मकान का नक्शा पास कराने के लिए सड़क कितनी चौड़ी होनी चाहिए
नए बिल्डिंग बायलॉज के अनुसार भूखंड पास कराने के लिए अब 9 मीटर चौड़ी सड़क अनिवार्य कर दी गई है।
क्या 4 मीटर चौड़ी सड़क पर नक्शा पास होगा
हाँ, मास्टर प्लान 2031 के निर्मित क्षेत्रों में 4 मीटर चौड़ी सड़कों पर अभी भी नक्शे पास किए जाएंगे।