UP में 4200 करोड़ का कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे बना मुसीबत, 17 दिन में 3 बार उखड़ी सड़क, धंसा ट्रक
UP: करीब 4200 करोड़ रुपये की लागत से बना कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद विवादों में घिर गया है। 13 जुलाई 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका उद्घाटन कि
UP: करीब 4200 करोड़ रुपये की लागत से बना कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद विवादों में घिर गया है। 13 जुलाई 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका उद्घाटन किया था, लेकिन महज दो हफ्ते के भीतर ही सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। एक्सप्रेसवे पर कई जगहों से सड़क की ऊपरी परत उखड़ने और धंसने की खबरें आ रही हैं।
ताजा घटना 30 जुलाई 2026 की है, जब कानपुर-लखनऊ एलिवेटेड एक्सप्रेसवे पर सड़क का एक हिस्सा धंसने से एक ट्रक पलट गया। यह हादसा शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे हुआ। इससे पहले 29 जुलाई को असोहा ब्लॉक के बेगमखेड़ा के पास करीब 10 मीटर के दायरे में सड़क धंसने की घटना हुई थी। उन्नाव के कोरारी के पास भी 26 जुलाई को सड़क की ऊपरी परत उखड़ने की समस्या सामने आई थी।
सड़क की खराब हालत को देखते हुए NHAI ने सख्त कदम उठाए हैं। निर्माण कार्य की निगरानी में लापरवाही बरतने के आरोप में तीन अधिकारियों को परियोजना से हटा दिया गया है। हटाए गए अधिकारियों में प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेसिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार शामिल हैं। इन तीनों पर अगले दो साल तक MoRTH और NHAI की किसी भी परियोजना में काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इस एक्सप्रेसवे का निर्माण PNC इन्फ्राटेक लिमिटेड ने किया था। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर विजय एस. कुंडू का कहना है कि पहली बारिश में मिट्टी बैठने की वजह से नए एक्सप्रेसवे में ऐसी समस्याएं आती हैं और इस पर नजर रखी जा रही है। वहीं, उन्नाव के 30.6 किलोमीटर हिस्से पर सड़क टूटने की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जहां आरोप है कि स्थायी मरम्मत के बजाय केवल पैबंद लगाकर काम चलाया जा रहा है।