UP: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की सड़क फिर धंसी, 24 घंटे में 7 जगह हुए गड्ढे; NHAI ने कंपनी को बताया ‘Non-performer’
UP : कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए यह रास्ता अब जोखिम भरा होता जा रहा है। शुक्रवार को इस एक्सप्रेसवे की सड़क सात और जगहों पर धंस गई। महज 24 दिनों के भीतर इस सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि प्रशासन क
UP : कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए यह रास्ता अब जोखिम भरा होता जा रहा है। शुक्रवार को इस एक्सप्रेसवे की सड़क सात और जगहों पर धंस गई। महज 24 दिनों के भीतर इस सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि प्रशासन को टोल वसूली तक रोकनी पड़ी है।
यह एक्सप्रेसवे 13 जुलाई 2026 को शुरू हुआ था और इसे बनाने में 4200 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। लेकिन उद्घाटन के 13 दिन बाद ही सड़क टूटने लगी। अब तक करीब 15 जगहों पर सड़क धंस चुकी है और 24 दिनों के अंदर 60 पैच लगाए गए हैं। हालत यह है कि 18 दिनों के भीतर ही 84 पैच लगाने पड़े, जिनमें से 39 कानपुर लेन और 45 लखनऊ लेन में थे।
NHAI ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई की है। सड़क बनाने वाली कंपनी PNC Infratech Limited को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित कर दिया गया है और उनके खिलाफ सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को कार्रवाई की सिफारिश की गई है। कंपनी पर परफॉर्मेंस सिक्योरिटी का 2% जुर्माना भी लगाया गया है। साथ ही लापरवाही बरतने वाले तीन अधिकारियों को प्रोजेक्ट से हटाकर अगले दो साल के लिए बैन कर दिया गया है।
सड़क की जांच करने आई IIT Kharagpur की टीम ने पाया कि उन्नाव के पास ग्रीनफील्ड इलाके में सड़क के नीचे कई फीट तक नमी है। विशेषज्ञों का मानना है कि मिट्टी और बजरी की लेवलिंग ठीक से नहीं की गई, जिससे बारिश का पानी सड़क के अंदर तक चला गया। निजी इंजीनियर अभिषेक गौर के मुताबिक, मिट्टी की परतें सही तरीके से नहीं बिछाई गईं, जिससे सड़क खोखली रह गई।
दूसरी ओर, PNC Infratech ने तकनीकी खामियों से इनकार किया है। कंपनी का कहना है कि भारी बारिश की वजह से ऐसा हुआ और केवल 0.5% हिस्सा ही प्रभावित है। फिलहाल NHAI पूरे एक्सप्रेसवे का लेजर प्रोफाइलर टेस्ट कराएगा ताकि छिपे हुए दोषों का पता लगाया जा सके।