UP: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण में लापरवाही, तीन अधिकारी हटाए गए; 2 साल तक किसी प्रोजेक्ट में नहीं मिलेगा काम
UP: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण में बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस मामले में NHAI ने सख्त एक्शन लेते हुए तीन अधिकारियों को परियोजना से हटा दिया है। इन अधिकारियों को अगले दो सालों के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत
UP: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण में बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस मामले में NHAI ने सख्त एक्शन लेते हुए तीन अधिकारियों को परियोजना से हटा दिया है। इन अधिकारियों को अगले दो सालों के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और NHAI की किसी भी परियोजना में काम करने से बैन कर दिया गया है।
यह पूरा मामला 26 जुलाई 2026 को सामने आया जब एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 64 के पास सड़क की ऊपरी सतह में फिसलन (surface slippage) देखी गई। हैरानी की बात यह है कि इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन केवल 13 दिन पहले 13 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया था। समाजवादी पार्टी के नेता मधुसूदन यादव ने इस क्षतिग्रस्त सड़क का वीडियो शेयर कर चिंता जताई थी।
NHAI ने इस कार्रवाई के तहत विवेक कुमार गुप्ता (प्रोजेक्ट मैनेजर-सह-डीजीएम हाईवे), सुरेंद्र कुमार (टीम लीडर, इंडिपेंडेंट इंजीनियर) और यतेंद्र कुमार (रेसिडेंट इंजीनियर) को हटाया है। NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि केवल ऊपरी सतह की लगभग 40 मीटर परत प्रभावित हुई थी और यह पूरी तरह धंसने का मामला नहीं था।
जांच के बाद NHAI ने स्पष्ट किया कि यह समस्या केवल सड़क की ऊपरी बिटुमिनस (तारकोल) परत तक सीमित थी। पुल का मुख्य ढांचा, नींव और अन्य हिस्से पूरी तरह सुरक्षित पाए गए। अधिकारियों के मुताबिक लगातार बारिश, भारी ट्रैफिक और जोड़ों से पानी रिसने की वजह से यह फिसलन हुई थी। इसे मानसून के दौरान होने वाला सामान्य रखरखाव का मामला बताया गया है।
निरीक्षण के तुरंत बाद क्षतिग्रस्त परत को हटाकर नई परत बिछाई गई। भविष्य में ऐसी दिक्कत न आए, इसके लिए ड्रेनेज सिस्टम और सड़क की सीलिंग में सुधार किया गया है। फिलहाल मरम्मत के बाद एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक सामान्य रूप से चल रहा है। हालांकि, उद्घाटन के इतने कम समय बाद सड़क खराब होने से इसकी निर्माण तकनीक और क्वालिटी पर सवाल उठ रहे हैं।