Maharashtra: मुंबई के Kanjurmarg वेस्ट इलाके की Runwal Forest Cooperative Housing Society में सामुदायिक कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर विवाद बढ़ गया है। यह झगड़ा अब पुलिस तक पहुंच गया है, जहां एक निवासी Ajay Satpute के ख
Maharashtra: मुंबई के Kanjurmarg वेस्ट इलाके की Runwal Forest Cooperative Housing Society में सामुदायिक कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर विवाद बढ़ गया है। यह झगड़ा अब पुलिस तक पहुंच गया है, जहां एक निवासी Ajay Satpute के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। सोसाइटी के कुछ लोग कुत्तों को परिसर के अंदर खाना खिलाने का विरोध कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे जानवरों के प्रति दया भाव बता रहे हैं।
विवाद की मुख्य वजह क्या है?
सोसाइटी के निवासी Sanket Shinde जैसे लोगों का कहना है कि कुत्तों को उन रास्तों पर खाना खिलाया जा रहा है जहां बच्चे और बुजुर्ग चलते हैं। उनका मानना है कि इससे सुरक्षा का खतरा बढ़ता है और निर्धारित फीडिंग जोन का कोई मतलब नहीं रह जाता। दूसरी तरफ, Surekha Satpute जैसे एनिमल वेलफेयर वॉलंटियर्स का दावा है कि वे BMC द्वारा तय की गई जगहों पर ही कुत्तों को खाना दे रहे हैं।
कानून और नियम क्या कहते हैं?
Animal Birth Control (ABC) Rules 2023 का नियम 20 कहता है कि हाउसिंग सोसायटियों को कुत्तों के लिए अलग से फीडिंग लोकेशन तय करनी चाहिए। इसी मामले में मार्च 2026 में BMC ने एक बैठक भी की थी, जिसमें अधिकारियों ने साफ कहा था कि विवाद कम करने के लिए तय जगहों पर ही खाना खिलाया जाए। Bombay High Court ने 1 जून 2026 को यह फैसला सुनाया कि जानवरों को भोजन और पानी का अधिकार है और इसे विशेषज्ञों और नगर निकाय की सलाह से सुलझाया जाना चाहिए।
पुलिस की अब तक की कार्रवाई
पुलिस ने पुष्टि की है कि उन्हें Ajay Satpute के खिलाफ शिकायत मिली है और फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष या कार्रवाई की घोषणा नहीं की है। यह पूरा मामला अब इस बात पर टिका है कि सोसाइटी के अंदर फीडिंग जोन का पालन सही तरीके से हो रहा है या नहीं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Runwal Forest सोसाइटी में विवाद किस बात पर है?
विवाद इस बात पर है कि सोसाइटी परिसर के अंदर सामुदायिक कुत्तों को खाना खिलाया जाए या नहीं, और क्या यह काम तय की गई जगहों (Designated zones) पर हो रहा है।
कुत्तों को खाना खिलाने के संबंध में कानून क्या है?
ABC Rules 2023 के तहत सोसायटियों को फीडिंग स्पॉट तय करने होते हैं। Bombay High Court ने भी जानवरों के भोजन के अधिकार और फीडर्स के अधिकारों का समर्थन किया है, बशर्ते इससे दूसरों की सुरक्षा को खतरा न हो।