Maharashtra: एक्टर और पॉलिटिशियन Kangana Ranaut ने नर्सिंग पेशे को लेकर समाज में फैली गलत धारणाओं पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि नर्सें स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे जरूरी फ्रंटलाइन वर्कर हैं, फिर भी समाज उन्हें सम्
Maharashtra: एक्टर और पॉलिटिशियन Kangana Ranaut ने नर्सिंग पेशे को लेकर समाज में फैली गलत धारणाओं पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि नर्सें स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे जरूरी फ्रंटलाइन वर्कर हैं, फिर भी समाज उन्हें सम्मान देने के बजाय उनके साथ स्टीरियोटाइप करता है। कंगना के मुताबिक, इस पेशे को अक्सर गलत नजरिए से देखा जाता है और सार्वजनिक चर्चाओं में नर्सों के योगदान को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
Kangana Ranaut ने ड्रेस कोड और वेतन पर क्या कहा?
कंगना ने नर्सों की ड्रेस कोड को ब्रिटिश जमाने का बताया और कहा कि यह पहनावा इस पेशे के सेक्सुअलाइज्ड इमेज को बढ़ावा देता है। उन्होंने सुझाव दिया कि नर्सों की पसंद के हिसाब से ड्रेस को इंडियनाइज किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह बात भी रखी कि नर्सों को उनकी मेहनत के हिसाब से कम वेतन मिलता है और उनसे जरूरत से ज्यादा काम लिया जाता है।
नर्सों की छवि बदलने के लिए क्या तैयारी है?
कंगना Ranaut की आने वाली फिल्म Bharat Bhhagya Viddhaata 12 जून 2026 को रिलीज होगी। यह फिल्म मुंबई के Cama Hospital की सच्ची घटनाओं से प्रेरित है और इसमें 26/11 आतंकी हमलों के दौरान नर्सों की बहादुरी को दिखाया गया है। फिल्म का मकसद समाज में नर्सों के प्रति नजरिया बदलना और उनके सम्मान को वापस दिलाना है।
विशेषज्ञों और संस्थाओं की इस पर क्या राय है?
Milann Fertility and Birthing Hospital की डायरेक्टर Anjali Ajaikumar ने कहा कि जिन अस्पतालों में नर्सों को फैसले लेने में शामिल किया जाता है और उनका सम्मान होता है, वहां मरीज का भरोसा बढ़ता है और काम बेहतर होता है। वहीं, Indian Professional Nurses Association (IPNA) लंबे समय से नर्सिंग में जेंडर भेदभाव और गलत धारणाओं के खिलाफ अभियान चला रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कंगना रनौत की नई फिल्म किस बारे में है?
फिल्म Bharat Bhhagya Viddhaata 12 जून 2026 को रिलीज होगी। यह Cama Hospital के नर्सों की बहादुरी और 26/11 हमलों के दौरान उनके योगदान पर आधारित है।
नर्सिंग पेशे को लेकर कंगना की मुख्य शिकायत क्या है?
कंगना का कहना है कि नर्सें कम वेतन पर ज्यादा काम करती हैं और समाज इस पेशे को सेक्सुअलाइज करता है, साथ ही उनकी ड्रेस कोड भी पुरानी और गलत है।