Mumbai में प्रदर्शनकारियों को कंगना रनौत ने कहा ‘गटर जनरेशन’, Gen Z और विपक्षी दलों ने जताया कड़ा विरोध
Maharashtra: अभिनेता और सांसद Kangana Ranaut अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट की वजह से विवादों में घिर गई हैं। उन्होंने मुंबई और अन्य शहरों में छात्रों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर इंस्टाग्राम पर कुछ तीखी बातें ल
Maharashtra: अभिनेता और सांसद Kangana Ranaut अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट की वजह से विवादों में घिर गई हैं। उन्होंने मुंबई और अन्य शहरों में छात्रों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर इंस्टाग्राम पर कुछ तीखी बातें लिखीं, जिसके बाद युवाओं और विपक्षी पार्टियों ने उनकी कड़ी आलोचना की है।
यह पूरा विवाद 27 से 31 जुलाई 2026 के बीच बढ़ा। कंगना रनौत ने ‘Cockroach Janta Party’ (CJP) के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे युवाओं को निशाना बनाया। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी में कुछ युवा प्रदर्शनकारियों को ‘Generation Gutter’ कहा और सवाल किया कि उन्हें पालने वाले कौन हैं। कंगना ने प्रदर्शनों के वीडियो को ‘घिनौना’ और ‘भद्दा’ बताया और खासतौर पर युवा महिलाओं के व्यवहार पर आपत्ति जताई।
कंगना ने इन प्रदर्शनों को पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे से जोड़ा, जो NEET परीक्षा की अनियमितताओं को लेकर 25 जुलाई 2026 को खत्म हुए 36 दिनों के आंदोलन के बाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर कंगना ने अपने बयानों पर कायम रहते हुए प्रदर्शनकारियों के लिए ‘femi-Nazis’ और ‘गटर छाप’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। बाद में उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि मीडिया उनकी बातों को गलत तरीके से पेश कर रहा है और उन्होंने तर्क दिया कि व्यक्तिगत आजादी दूसरों की कीमत पर नहीं होनी चाहिए।
इस मामले पर CJP के संस्थापक Abhijeet Dipke ने कहा कि कोई उन्हें गंभीरता से नहीं लेता। वहीं प्रवक्ता Ashutosh Ranka ने पलटवार करते हुए कहा कि वे गटर जनरेशन ही हैं और इसी आंदोलन की वजह से एक मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। प्रवक्ता Saurav Das ने कंगना के शब्दों को निराशाजनक बताया और कहा कि उन्हें प्रदर्शनकारियों की भाषा के बजाय उन पर हुए हमलों पर ध्यान देना चाहिए।
राजनीतिक गलियारों में भी इस पर शोर मचा है। Congress, Samajwadi Party और AIMIM ने कंगना के बयानों की निंदा की है। कांग्रेस नेता Bhai Jagtap ने सवाल उठाया कि कंगना ने छात्रों के साथ हुए बर्ताव पर चिंता क्यों नहीं जताई, जबकि AIMIM नेता Waris Pathan ने उनकी भाषा को निंदनीय बताया। संगीतकार Vishal Dadlani ने भी इंस्टाग्राम पर युवाओं का समर्थन करते हुए कहा कि हिंसा पर बात होनी चाहिए न कि भाषा पर। समाजशास्त्री Kumool Abbi के अनुसार, सत्ता के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल अक्सर ध्यान खींचने और उकसाने की एक रणनीति होती है।