Maharashtra: कल्याण के सिंदिकेट इलाके में रहने वाली बीएमसी की एक रिटायर्ड अधिकारी रोहिणी चंद्रकांत कुलकर्णी के साथ साइबर ठगों ने बड़ी धोखाधड़ी की है। ठगों ने उन्हें आतंकवाद से जुड़े फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर उनसे
Maharashtra: कल्याण के सिंदिकेट इलाके में रहने वाली बीएमसी की एक रिटायर्ड अधिकारी रोहिणी चंद्रकांत कुलकर्णी के साथ साइबर ठगों ने बड़ी धोखाधड़ी की है। ठगों ने उन्हें आतंकवाद से जुड़े फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर उनसे 73.30 लाख रुपये ठग लिए। यह पूरी घटना 6 अप्रैल से 10 अप्रैल 2026 के बीच हुई, जिसके बाद पीड़ित महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
कैसे हुआ यह पूरा घोटाला?
ठगों ने खुद को कानून लागू करने वाली एजेंसी और जांच अधिकारी बताया था। इनमें से कुछ ने अपनी पहचान ‘विजय खन्ना’ के रूप में बताई। उन्होंने महिला को व्हाट्सएप और फोन कॉल के जरिए डराया कि उनका मोबाइल नंबर किसी पाकिस्तानी सैनिक या आतंकवादी से जुड़ा है, जो 2025 के पहलगाम या पठानकोट हमले में शामिल था। आरोपियों ने उन पर टेरर फंडिंग और संदिग्ध पैसों के लेनदेन का झूठा आरोप लगाया और उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया। वीडियो कॉल के जरिए उन पर नजर रखी गई और घर वालों को कुछ न बताने की सख्त हिदायत दी गई।
कितने पैसे और कैसे लिए गए?
ठगों ने महिला को विश्वास दिलाया कि उनके बैंक खातों की जांच कर नाम साफ करने के लिए पैसे जमा करने होंगे। डर के मारे बुजुर्ग महिला ने चार दिनों तक अलग-अलग RTGS और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 73.3 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
| विवरण |
जानकारी |
| पीड़ित का नाम |
रोहिणी चंद्रकांत कुलकर्णी (82 वर्ष) |
| कुल ठगी की राशि |
73.30 लाख रुपये |
| घटना की तारीख |
6 अप्रैल से 10 अप्रैल 2026 |
| शिकायत दर्ज करने की तारीख |
11 अप्रैल 2026 |
| पुलिस स्टेशन |
महात्मा फुले चौक पुलिस स्टेशन, कल्याण |
पुलिस की कार्रवाई और चेतावनी
महात्मा फुले चौक पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने अब तक पांच स्थानीय मोबाइल नंबरों की पहचान की है और आरोपियों की तलाश जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने लोगों को आगाह किया है कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर जांच नहीं करती और न ही पैसों की मांग करती है।