Jordan में ईरान ने दागे मिसाइल, सेना ने हवा में ही किए ढेर; दो दिनों में 11 मिसाइलें मारी गईं
World : मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। Jordan की सेना ने शुक्रवार सुबह अपने हवाई क्षेत्र में घुसी तीन ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक मार गिराया। इससे पहले गुरुवार को भी ईरान ने Jordan पर हमला किया था, जिसे सेना ने नाकाम
World : मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। Jordan की सेना ने शुक्रवार सुबह अपने हवाई क्षेत्र में घुसी तीन ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक मार गिराया। इससे पहले गुरुवार को भी ईरान ने Jordan पर हमला किया था, जिसे सेना ने नाकाम कर दिया। इन हमलों के बाद Jordan की सेना हाई अलर्ट पर है और पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है।
Jordan की सेना (Jordan Armed Forces) ने बताया कि शुक्रवार सुबह तीन मिसाइलें देश की सीमा में घुसी थीं, जिन्हें समय रहते नष्ट कर दिया गया। राहत की बात यह है कि इस हमले में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। रॉयल इंजीनियरिंग कॉर्प्स की टीमों ने उन जगहों को सुरक्षित किया जहाँ मिसाइलों के टुकड़े गिरे थे। सेना ने साफ किया है कि वे देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
यह हमला अचानक नहीं हुआ, बल्कि इससे ठीक एक दिन पहले गुरुवार, 16 जुलाई 2026 की सुबह भी ऐसा ही हुआ था। उस समय Jordan की एयर डिफेंस यूनिट्स ने ईरान की आठ मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया था। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने Jordan में मौजूद अमेरिकी अल-अज़रक एयर बेस के रडार और ईंधन डिपो को निशाना बनाया है। हालांकि, अमेरिका की तरफ से इस दावे पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
इस पूरे मामले पर Jordan के विदेश मंत्री अयमन सफादी ने Aspen Security Forum में बात की। उन्होंने कहा कि Jordan और अन्य अरब देश इस लड़ाई का हिस्सा नहीं हैं और वे ईरान के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं। उन्होंने ईरान द्वारा किए गए हमलों की निंदा की और स्पष्ट किया कि Jordan में अमेरिकी सेना केवल आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और रक्षा समझौते के तहत मौजूद है, न कि किसी सैन्य बेस के रूप में।