Delhi के जंतर-मंतर पर महिला आरक्षण के लिए प्रदर्शन, जोधपुर से रवाना हुआ प्रतिनिधिमंडल
Rajasthan/Delhi: राजनीति में महिलाओं की बराबरी की हिस्सेदारी के लिए जोधपुर महिला कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को दिल्ली रवाना हुआ। यह दल जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होगा, जहां 33 प्रतिशत महिला
Rajasthan/Delhi: राजनीति में महिलाओं की बराबरी की हिस्सेदारी के लिए जोधपुर महिला कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को दिल्ली रवाना हुआ। यह दल जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होगा, जहां 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को तुरंत लागू करने की मांग उठाई जाएगी। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है ताकि देशभर की महिलाओं को राजनीति में समान और प्रभावी भागीदारी मिल सके।
दिल्ली में चल रहे इस आंदोलन के जरिए महिला कांग्रेस सरकार पर दबाव बनाएगी कि आरक्षण बिल को बिना किसी देरी के लागू किया जाए। इसी बीच, 20 जुलाई 2026 को संसद का मानसून सत्र भी शुरू हो गया है। जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में महिलाएं और लड़कियां ‘संसद मार्च’ निकाल रही हैं। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक विमेन एसोसिएशन (AIDWA) ने भी 20 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।
केंद्र सरकार ने सितंबर 2023 में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (128वां संविधान संशोधन विधेयक) पेश किया था, जिसका लक्ष्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना है। हालांकि, इस बिल का लागू होना जनगणना और परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। इसी बात को लेकर विवाद है। कांग्रेस पार्टी आरक्षण का समर्थन तो कर रही है, लेकिन वह इसे परिसीमन से जोड़ने का विरोध कर रही है।
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी और जयराम रमेश ने कहा है कि सरकार को वर्तमान लोकसभा में ही एक-तिहाई आरक्षण लागू करना चाहिए। वहीं, DMK ने भी मांग की है कि आरक्षण का फॉर्मूला मौजूदा सीटों के आधार पर स्पष्ट होना चाहिए ताकि दक्षिण भारतीय राज्यों पर बुरा असर न पड़े। AIDWA की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. जगमती सांगवान ने आरोप लगाया कि सरकार जनगणना और परिसीमन का बहाना बनाकर महिलाओं के हक में आए कानून को जानबूझकर लटका रही है।
महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने साफ किया है कि यह अभियान जंतर-मंतर से शुरू होकर तब तक हर राज्य, जिले और गांव तक पहुंचेगा, जब तक कि आधी आबादी को उनका अधिकार और सुरक्षा नहीं मिल जाती।