Delhi: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने अपने स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। यूनिवर्सिटी ने B.Tech कोर्स में महिलाओं के लिए 11% सुपरन्यूमररी सीटें जोड़ने की मंजूरी दे दी है।
Delhi: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने अपने स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। यूनिवर्सिटी ने B.Tech कोर्स में महिलाओं के लिए 11% सुपरन्यूमररी सीटें जोड़ने की मंजूरी दे दी है। इससे अब इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाली लड़कियों को एडमिशन में ज्यादा मौका मिलेगा।
कितनी सीटें बढ़ेंगी और कौन से कोर्स में मिलेगा फायदा
यूनिवर्सिटी के इस फैसले के बाद अब हर बैच में 14 अतिरिक्त सीटें बनाई जाएंगी। इन सीटों को दो मुख्य कोर्स के बीच बराबर बांटा गया है:
- Electrical and Communications Engineering (ECE)
- Computer Science Engineering (CSE)
इससे पहले इन दोनों कोर्स में 63-63 सीटें थीं। यह फैसला मौजूदा रिजर्वेशन पॉलिसी को बिना छेड़े लिया गया है और यह पूरी तरह सरकारी नियमों के हिसाब से होगा।
एडमिशन की प्रक्रिया और नियम क्या रहेंगे
इन सुपरन्यूमररी सीटों पर एडमिशन के लिए पहले की तरह ही Joint Seats Allocation Authority (JoSAA) और Central Seat Allocation Board (CSAB) के जरिए प्रक्रिया पूरी होगी। यूनिवर्सिटी ने साफ किया है कि भविष्य में इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होने पर इन सीटों के प्रतिशत पर फिर से विचार किया जा सकता है।
किसने लिया यह फैसला और क्या है विरोध
यह मंजूरी एक स्पेशल कमेटी की मीटिंग के बाद मिली है। इस कमेटी में JNU के फैकल्टी के साथ IIT Delhi, IIIT-D और DTU जैसे बड़े संस्थानों के एक्सपर्ट्स शामिल थे। हालांकि, JNU Teachers’ Association (JNUTA) ने इस फैसले पर अपनी असहमति जताई है और वे इस मुद्दे पर अपनी रणनीति तय करने के लिए मीटिंग करने वाले हैं।