Jammu and Kashmir: राजौरी जिले के बॉर्डर पंचायत Gambir Mughlan में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। यहाँ नई सड़कों के बनने से स्थानीय लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। पहले लोगों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए कई
Jammu and Kashmir: राजौरी जिले के बॉर्डर पंचायत Gambir Mughlan में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। यहाँ नई सड़कों के बनने से स्थानीय लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। पहले लोगों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था, लेकिन अब बुनियादी ढांचे में तेजी से सुधार हो रहा है।
सड़कों के अभाव में क्या थीं मुश्किलें?
स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले यहाँ सड़क कनेक्टिविटी बिल्कुल नहीं थी। इस वजह से निवासियों को करीब 4 से 5 किलोमीटर का रास्ता पैदल तय करना पड़ता था। सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों को होती थी जिन्हें समय पर स्कूल पहुँचने में दिक्कत आती थी। साथ ही, इमरजेंसी के समय मरीजों को अस्पताल पहुँचाना एक बड़ी चुनौती बनी रहती थी।
किन सरकारी योजनाओं से हो रहा है विकास?
बॉर्डर पंचायत Gambir Mughlan और ब्लॉक Manjakote में कई सरकारी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। Pradhan Mantri Awas Yojana (PMAY) के तहत पात्र लोगों के लिए घर बनाए जा रहे हैं और MGNREGA के जरिए विकास कार्य चल रहे हैं। इसके अलावा, राजौरी जिले के बॉर्डर ब्लॉक Doongi के पंचायत Challas में Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana (PMGSY) के तहत 13 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जा रही है, जिसकी अनुमानित लागत 29 करोड़ रुपये है।
सरकारी अधिकारियों की भूमिका और जागरूकता
सरकारी अधिकारी समय-समय पर इस क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। वे यहाँ जागरूकता कार्यक्रम चलाते हैं ताकि लोगों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिल सके। इससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि पात्र निवासियों को बिना किसी देरी के सरकारी लाभ मिलें और उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Gambir Mughlan में सड़क बनने से पहले लोगों को क्या परेशानी थी?
सड़कों की कमी के कारण लोगों को 4 से 5 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। छात्रों को स्कूल पहुँचने और मरीजों को अस्पताल ले जाने में काफी कठिनाई होती थी।
राजौरी जिले में सड़क निर्माण के लिए कौन सी योजना लागू है और कितना खर्च हो रहा है?
यहाँ Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana (PMGSY) के तहत काम चल रहा है। पंचायत Challas में 13 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण पर करीब 29 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।