Delhi के प्रदर्शन में जबलपुर का युवक घायल, पेलेट गन के छर्रे से आंख और चेहरे पर चोट

MP/Jabalpur: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान जबलपुर का एक 25 साल का युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। जबलपुर के पाटन निवासी शेख इरशाद मंसूरी, जो वर्तमान में गुरुग्राम में रहते हैं, की आंख और चेहरे प

MP/Jabalpur: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान जबलपुर का एक 25 साल का युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। जबलपुर के पाटन निवासी शेख इरशाद मंसूरी, जो वर्तमान में गुरुग्राम में रहते हैं, की आंख और चेहरे पर पेलेट गन के छर्रे लगे हैं। उनका इलाज दिल्ली के लेडी हार्डिंग अस्पताल में चल रहा है और उनकी सर्जरी भी की जा चुकी है।

यह घटना 20 जुलाई 2026 को “कॉकरोच जनता पार्टी” (CJP) के ‘संसद मार्च’ के दौरान हुई। इरशाद मंसूरी का कहना है कि कनॉट प्लेस के पास RAF के एक जवान ने उन पर करीब 40-50 मीटर की दूरी से फायर किया था। घटना के अगले दिन 21 जुलाई को उनकी सर्जरी हुई, जिसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अस्पताल जाकर उनसे मुलाकात की। डॉक्टरों ने शरीर से कुछ छर्रे निकाल दिए हैं, लेकिन गर्दन की एक रक्त वाहिका के पास अभी भी एक पेलेट फंसा हुआ है।

इस प्रदर्शन में कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी का छात्र साहिल लोछाब शामिल है, जिसकी आंख में गंभीर चोट आई है। कुल मिलाकर 80 से ज्यादा प्रदर्शनकारी और 118 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने पेलेट गन के इस्तेमाल से पूरी तरह इनकार किया है और इन दावों को भ्रामक बताया है। हालांकि, आरोप रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) पर लगे हैं, जो CRPF की एक इकाई है। CRPF ने अब इस पूरी घटना और RAF की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। केंद्र सरकार ने भी CRPF को निर्देश दिया है कि जंतर-मंतर पर पेलेट गन का इस्तेमाल न किया जाए। नियमों के मुताबिक पेलेट गन का इस्तेमाल कम से कम 500 फीट की दूरी से और कमर के नीचे निशाना लगाकर करना होता है, लेकिन इस मामले में नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है।