Property खरीदने वालों को बड़ी राहत, ITAT ने हटाया 5.8 लाख का अतिरिक्त टैक्स; PAN-Aadhaar लिंक होने पर मिली छूट

Finance: अगर आप घर या जमीन खरीद रहे हैं, तो TDS के नियमों को समझना बहुत जरूरी है। मुंबई के इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) ने एक ऐसा फैसला सुनाया है जिससे प्रॉपर्टी खरीदने वालों को बड़ी राहत मिली है। ट्रिब्यूनल ने एक

Finance: अगर आप घर या जमीन खरीद रहे हैं, तो TDS के नियमों को समझना बहुत जरूरी है। मुंबई के इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) ने एक ऐसा फैसला सुनाया है जिससे प्रॉपर्टी खरीदने वालों को बड़ी राहत मिली है। ट्रिब्यूनल ने एक खरीदार पर लगाया गया 5.8 लाख रुपये का अतिरिक्त टैक्स हटा दिया है, क्योंकि बेचने वाले ने बाद में अपना PAN और Aadhaar लिंक करवा लिया था।

मामला मुंबई का है जहां एक महिला ने 1.9 करोड़ रुपये में एक फ्लैट खरीदा था। इसमें उनका हिस्सा 15% यानी 28.5 लाख रुपये था। उन्होंने नियम के मुताबिक 1% TDS (28,500 रुपये) काटा था। लेकिन टैक्स विभाग ने यह पाया कि बेचने वाले का PAN कार्ड Aadhaar से लिंक नहीं था, इसलिए वह ‘इनऑपरेटिव’ था। इस वजह से विभाग ने सेक्शन 206AA के तहत 20% की दर से टैक्स काटने को कहा और खरीदार पर 5.8 लाख रुपये से ज्यादा की डिमांड निकाल दी।

इस मामले में CBDT के सर्कुलर नंबर 9/2025 ने अहम भूमिका निभाई। इस नियम के मुताबिक, अगर बेचने वाला एक तय समय सीमा के अंदर अपना PAN और Aadhaar लिंक कर लेता है, तो खरीदार को ज्यादा टैक्स भरने की जरूरत नहीं होगी। इस केस में बेचने वाले ने 30 सितंबर 2025 से पहले अपना PAN नियमित कर लिया था और अपनी इनकम टैक्स रिटर्न में कैपिटल गेन की जानकारी भी दे दी थी।

नियम/सेक्शन विवरण
Section 194-IA 50 लाख से ऊपर की प्रॉपर्टी पर 1% TDS काटना जरूरी है।
Section 206AA PAN इनऑपरेटिव होने पर 20% की दर से TDS काटना होता है।
Rule 114AAA PAN को Aadhaar से लिंक न करने पर उसे इनऑपरेटिव माना जाता है।
CBDT Circular 9/2025 तय समय में PAN-Aadhaar लिंक करने पर ज्यादा TDS की लायबिलिटी खत्म हो जाती है।

CA केतन वजानी ने सलाह दी है कि प्रॉपर्टी खरीदते समय TDS की गणना ट्रांजेक्शन वैल्यू या स्टैंप ड्यूटी वैल्यू, जो भी ज्यादा हो, उस पर करनी चाहिए। इसमें पार्किंग फीस और क्लब मेंबरशिप जैसे चार्ज भी शामिल होते हैं। वहीं CA अमित पटेल ने कहा कि प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन के TDS नियम आम खरीदारों के लिए काफी जटिल होते हैं और अक्सर लोग इनसे अनजान रहते हैं। ITAT मुंबई ने माना कि जब बेचने वाले ने अपना PAN ठीक कर लिया है, तो खरीदार को डिफॉल्टर मानना गलत है।