World : ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़े युद्ध ने दुबई के पर्यटन बाजार को पूरी तरह हिला कर रख दिया है। जो शहर साल के इस समय सैलानियों से भरा रहता था, वहां अब सन्नाटा पसरा है। युद्ध की वजह से लोग दुबई आने से डर रहे हैं
World : ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़े युद्ध ने दुबई के पर्यटन बाजार को पूरी तरह हिला कर रख दिया है। जो शहर साल के इस समय सैलानियों से भरा रहता था, वहां अब सन्नाटा पसरा है। युद्ध की वजह से लोग दुबई आने से डर रहे हैं, जिसका सीधा असर वहां के होटलों और उड़ानों पर पड़ा है।
दुबई के होटलों और टूरिज्म का क्या हाल है?
दुबई में पर्यटन की स्थिति काफी खराब हुई है। मार्च के अंत तक होटलों में ठहरने वाले लोगों की संख्या 90% से गिरकर सिर्फ 16% रह गई। युद्ध के पहले हफ्ते में ही 80,000 से ज्यादा होटल बुकिंग कैंसिल हो गईं। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई लग्जरी होटलों ने अपने कमरों के दाम 50% तक घटा दिए हैं ताकि कुछ ग्राहक वापस आ सकें।
फ्लाइट्स और यात्रा पर क्या पाबंदी लगी है?
सुरक्षा कारणों से दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) और DWC एयरपोर्ट पर विदेशी एयरलाइनों की उड़ानों को सीमित कर दिया गया है। 31 मई 2026 तक विदेशी एयरलाइंस को केवल एक डेली रोटेशन की अनुमति है। अमेरिका ने भी अपने गैर-जरूरी कर्मचारियों को UAE छोड़ने का आदेश दिया है और यात्रियों के लिए चेतावनी जारी की है।
युद्ध के कारण हुए नुकसान का पूरा ब्यौरा
| विवरण |
आंकड़े/जानकारी |
| होटल ऑक्युपेसी |
90% से घटकर 16% हुई |
| कैंसिल बुकिंग |
80,000 से अधिक (पहले हफ्ते में) |
| अनुमानित आर्थिक नुकसान |
34 अरब से 56 अरब डॉलर (पूरे मिडिल ईस्ट में) |
| पर्यटक संख्या में गिरावट |
11% से 27% तक की कमी का अनुमान |
| 2026 का लक्ष्य |
22 मिलियन पर्यटक (युद्ध से पहले) |
क्या दुबई अभी भी सुरक्षित है?
UAE के अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्रालय ने कहा है कि सभी होटल और मनोरंजन केंद्र सुरक्षा नियमों के तहत चल रहे हैं। GCC देशों के पर्यटन मंत्रियों ने भी एक बयान जारी कर कहा है कि क्षेत्र सुरक्षित है और पर्यटकों का स्वागत है। हालांकि, जमीन पर हालात अलग हैं क्योंकि मिसाइल और ड्रोन हमलों की वजह से बुर्ज अल अरब और पाम जुमेराह जैसे इलाकों के पास आग लगने की खबरें आई हैं।