Iran और अमेरिका के बीच बढ़ी तनातनी, ईरान ने कहा- हम कभी सरेंडर नहीं करेंगे

World: ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव गहरा गया है। ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने साफ कह दिया है कि वॉशिंगटन के साथ चल रही इस लड़ाई का अंत ईरान के सरेंडर से नहीं होगा। यह बयान दोनों देशों के बीच हुए हाल

World: ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव गहरा गया है। ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने साफ कह दिया है कि वॉशिंगटन के साथ चल रही इस लड़ाई का अंत ईरान के सरेंडर से नहीं होगा। यह बयान दोनों देशों के बीच हुए हालिया हमलों के बाद आया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने समझौतों को तोड़ा, तो वह पूरी ताकत से अपना बचाव करेगा।

दोनों देशों के बीच तनाव जुलाई के पहले हफ्ते से बढ़ गया था। 7 जुलाई 2026 को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए थे। अमेरिका का कहना था कि ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों पर हमला किया था। इसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी ड्रोन गिराने और बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया।

तनाव इतना बढ़ गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा कर दी कि उनके और ईरान के बीच हुआ युद्धविराम (ceasefire) अब खत्म हो चुका है। ट्रम्प ने धमकी दी है कि अगर उनकी जान पर कोई खतरा आया या जहाजों पर हमले जारी रहे, तो वह ईरान को तबाह कर देंगे। उन्होंने कहा कि ईरान की तरफ 1,000 अमेरिकी मिसाइलें तैनात हैं और हजारों और तैयार रखी गई हैं।

दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का कहना है कि ईरान ने समझौते की सभी शर्तों को माना है, लेकिन अमेरिका ने तेल प्रतिबंध दोबारा लगाकर और सैन्य हमले करके नियमों का उल्लंघन किया है। हालांकि, पर्दे के पीछे की बातचीत में ईरान के कुछ अधिकारियों ने अमेरिकी सलाहकारों से यह माना है कि जहाजों पर हमले किसी ‘भटके हुए’ कट्टरपंथी गुट ने किए थे और वे बातचीत जारी रखना चाहते हैं। फिलहाल ओमान में दोनों देशों के बीच तकनीकी बातचीत होनी तय हुई है, लेकिन ईरान की सेना दुश्मन की हर हरकत पर नजर रख रही है।