Iran के हमलों से Kuwait में बिजली-पानी का संकट, पावर स्टेशन और डिसेलिनेशन प्लांट हुए तबाह
World: ईरान ने कुवैत के बिजली और पानी साफ करने वाले प्लांटों पर लगातार चौथे दिन हमले किए हैं। मंगलवार, 21 जुलाई 2026 तक हुए इन हमलों में कई जरूरी सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। सोमवार शाम को हमले और तेज हो गए, जिससे
World: ईरान ने कुवैत के बिजली और पानी साफ करने वाले प्लांटों पर लगातार चौथे दिन हमले किए हैं। मंगलवार, 21 जुलाई 2026 तक हुए इन हमलों में कई जरूरी सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। सोमवार शाम को हमले और तेज हो गए, जिससे कई जगहों पर आग लग गई और अफरा-तफरी मच गई।
कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि पावर जनरेशन और पानी साफ करने वाले प्लांट (desalination plants) निशाने पर थे। आग बुझाने के लिए फायर फोर्स और सुरक्षा एजेंसियों की टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया। मंत्रालय ने एहतियात के तौर पर कई बिजली यूनिट्स को बंद कर दिया है ताकि सिस्टम स्थिर रहे। इस वजह से वहां के लोगों से बिजली और पानी का इस्तेमाल कम करने की अपील की गई है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने माना है कि उन्होंने मंगलवार सुबह Al Zour पावर स्टेशन पर ड्रोन हमला किया। ईरान का दावा है कि उनके निशाने पर कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य केंद्र Camp Arifjan और Ali Al Salem एयर बेस की रडार फैसिलिटी थी। ईरान ने चेतावनी दी है कि जो भी जगह उनके खिलाफ हमले के लिए इस्तेमाल होगी, उसे निशाना बनाया जाएगा।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। कुवैत की सेना ने कई ईरानी मिसाइलों और ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया। इन हमलों का असर इतना ज्यादा था कि कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कामकाज को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा और कई कमर्शियल फ्लाइट्स का समय बदलना पड़ा।
कुवैत के लिए यह स्थिति काफी गंभीर है क्योंकि वह अपनी पीने के पानी की करीब 90 प्रतिशत जरूरत डिसेलिनेशन प्लांट से पूरी करता है। इसके अलावा, Kuwait Petroleum Corporation की एक ऑयल फैसिलिटी पर भी हमला हुआ, जिससे काफी नुकसान हुआ और कुछ लोग घायल हो गए। यह पूरा विवाद ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच हो रहा है, जिसके कारण अमेरिकी विदेश विभाग ने भी अपने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है।