Iran ने Strait of Hormuz खोलने के लिए US के सामने रखी कड़ी शर्तें, तेल और गैस की सप्लाई पर संकट
World: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने साफ कह दिया है कि वह Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) को पूरी तरह तब तक नहीं खोलेगा, जब तक अमेरिका अपनी नीतियों में बदलाव नहीं करता। यह रास्ता दुनिया
World: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने साफ कह दिया है कि वह Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) को पूरी तरह तब तक नहीं खोलेगा, जब तक अमेरिका अपनी नीतियों में बदलाव नहीं करता। यह रास्ता दुनिया के तेल और गैस व्यापार के लिए बेहद अहम है, जिससे दुनिया की करीब 20 फीसदी सप्लाई प्रभावित होती है। अगर यहां तनाव बढ़ता है, तो इसका सीधा असर दुनिया भर में ईंधन की कीमतों पर पड़ेगा, जिससे भारत समेत कई देशों में महंगाई बढ़ सकती है।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) के सचिव मोहम्मद बागर जोल्गादर ने 8 अगस्त 2026 को अमेरिका के लिए मांगों की एक लंबी लिस्ट जारी की। ईरान का कहना है कि अमेरिका को अपना व्यवहार सुधारना होगा। इसी बीच खबर आई कि 8 अगस्त को अबू धाबी की सरकारी कंपनी Adnoc के एक जहाज पर ईरानी मिसाइल से हमला किया गया, जिससे इलाके में डर का माहौल है।
ईरान ने अमेरिका के सामने अपनी शर्तें रखी हैं, जिन्हें पूरा किए बिना वह रास्ता नहीं खोलेगा:
| ईरान की प्रमुख मांगें | विवरण |
|---|---|
| सुरक्षा गारंटी | अमेरिका ईरान को दोबारा कभी धमकी न दे। |
| युद्ध का अंत | अमेरिका ईरान और उसके सहयोगियों (हिजबुल्लाह, हमास, हूती) के साथ युद्ध पूरी तरह खत्म करे। |
| सैन्य वापसी | ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म हो और अमेरिका अपनी सेना वापस ले। |
| मुआवजा | 2025 और 2026 के युद्धों में हुए नुकसान की पूरी भरपाई की जाए। |
| प्रतिबंध और संपत्ति | सभी प्रतिबंध हटाए जाएं और जमी हुई संपत्ति बिना शर्त वापस की जाए। |
दूसरी तरफ, ओमान इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि ओमान के साथ शिपिंग रूट पर बातचीत चल रही है, लेकिन सिर्फ इससे रास्ता नहीं खुलेगा। अमेरिका का कहना है कि वह ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी हटा सकता है, लेकिन प्रतिबंध तभी हटेंगे जब ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर समझौता करेगा।