Kuwait में US सैन्य बेस पर ईरान का मिसाइल हमला, Camp Arifjan के HIMARS सिस्टम को बनाया निशाना
World: मध्य पूर्व के देशों में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने दावा किया है कि उसकी सेना ने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस Camp Arifjan पर मिसाइल हमला किया है। ईरान ने इस कार्रवाई को अपनी सैन्य मुहिम का हिस्सा बता
World: मध्य पूर्व के देशों में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने दावा किया है कि उसकी सेना ने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस Camp Arifjan पर मिसाइल हमला किया है। ईरान ने इस कार्रवाई को अपनी सैन्य मुहिम का हिस्सा बताया है और इसे अमेरिका द्वारा ईरान की जमीन पर किए गए हमलों का जवाब कहा है।
ईरानी सेना ने 21 जुलाई 2026 को बताया कि उन्होंने सरफेस-टू-सरफेस मिसाइलों का इस्तेमाल कर Camp Arifjan में तैनात US Army के HIMARS मिसाइल सिस्टम को निशाना बनाया। ईरान ने इस पूरे ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन साएघे’ (Operation Saeghe) का 18वां चरण बताया है। उनका कहना है कि HIMARS जैसे मोबाइल रॉकेट सिस्टम को नष्ट करने से अमेरिका की हमला करने और बचाव करने की ताकत कम होगी।
सिर्फ कुवैत ही नहीं, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने यह भी दावा किया कि उन्होंने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर तीन दौर में मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। IRGC के मुताबिक, उन्होंने उन सुविधाओं को पूरी तरह तबाह कर दिया है जहां अमेरिकी स्पेशल नेवल कमांडो फोर्स तैनात थे। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा कि यह संघर्ष अब एक पूर्ण युद्ध का रूप ले चुका है।
दूसरी तरफ, अमेरिका और कुवैत की आधिकारिक एजेंसियों ने अभी तक इस हमले या उससे हुए नुकसान की पुष्टि नहीं की है। हालांकि, US Central Command (CENTCOM) ने पहले ही बताया था कि उन्होंने ईरान के खिलाफ लगातार नौ रातों तक हमले किए हैं। कुवैत की सेना ने यह स्वीकार किया है कि उन्होंने ईरान की तरफ से आने वाली मिसाइलों और ड्रोन्स को बीच में ही रोका है और नागरिकों को सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी है।
बहरीन के विदेश मंत्रालय ने भी इन हमलों की कड़ी निंदा की है। बहरीन का कहना है कि ईरान ने नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है, जिससे आम लोगों की जान को खतरा पैदा हुआ है। बहरीन के सिविल एविएशन विभाग ने बताया कि ईरानी ड्रोन्स ने एयर नेविगेशन सिस्टम को टारगेट किया, हालांकि हवाई यातायात पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।