Middle East में तनाव बढ़ा, Kuwait और Bahrain पर ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमले, अमेरिका ने भी की जवाबी कार्रवाई
World: मिडिल ईस्ट में हालात फिर से बिगड़ गए हैं। ईरान ने Kuwait और Bahrain में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। इस वजह से Kuwait और Bahrain में हवाई हमले के सायरन बजने लगे और लोग दहशत में आ गए। अ
World: मिडिल ईस्ट में हालात फिर से बिगड़ गए हैं। ईरान ने Kuwait और Bahrain में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। इस वजह से Kuwait और Bahrain में हवाई हमले के सायरन बजने लगे और लोग दहशत में आ गए। अमेरिका ने भी ईरान के सैन्य ठिकानों पर कई राउंड में हमले किए हैं।
Kuwait के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि गुरुवार, 16 जुलाई 2026 और शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को ईरान ने कई ड्रोन और मिसाइलें दागीं। मंत्रालय के प्रवक्ता Saud Al-Atwan के मुताबिक, ईरान ने गुरुवार को 32 ड्रोन छोड़े थे, जिन्हें Kuwait की सेना ने हवा में ही रोक दिया। इन धमाकों की आवाज पूरे देश में सुनी गई। हालांकि, इस हमले में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन कुछ जगहों पर भौतिक नुकसान हुआ है। Kuwait ने इस पूरी कार्रवाई के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है।
दूसरी तरफ, ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। ईरान का कहना है कि उसने Kuwait के Ali Al Salem Air Base और Shuaiba Port के साथ-साथ Bahrain के Shaikh Isa Air Base को निशाना बनाया। ईरान ने इसे अमेरिका द्वारा किए गए पिछले हमलों का बदला बताया है। ईरान ने दावा किया कि उसने अपने स्वदेशी Arash ड्रोन का इस्तेमाल अमेरिकी रडार सिस्टम और तेल डिपो को तबाह करने के लिए किया।
इस लड़ाई में अमेरिका भी कूद पड़ा है। US Central Command (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उसने ईरान के कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल ठिकानों पर जोरदार हमले किए हैं। अमेरिका का मकसद ईरान की उस क्षमता को कम करना है जिससे वह समुद्र में जहाजों के रास्ते को रोक सके। इसके अलावा Bahrain, Jordan और UAE में भी ईरानी मिसाइलों को रोकने की खबरें आई हैं। Jordan ने बताया कि उसने ईरान की 8 मिसाइलें गिराई हैं।
इस युद्ध जैसी स्थिति का असर अब दुनिया भर के बाजारों पर भी दिख रहा है। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उछाल आया है और यह करीब 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। अगर तनाव और बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर असर पड़ सकता है।