World : ईरान और भारत के बीच समुद्री रास्तों को लेकर बातचीत चल रही है। ईरान ने साफ किया है कि Strait of Hormuz से गुजरने वाले भारतीय जहाजों से वह कोई टोल टैक्स नहीं ले रहा है। ईरान ने भारत को नेविगेशन यानी रास्ता दिखाने म
World : ईरान और भारत के बीच समुद्री रास्तों को लेकर बातचीत चल रही है। ईरान ने साफ किया है कि Strait of Hormuz से गुजरने वाले भारतीय जहाजों से वह कोई टोल टैक्स नहीं ले रहा है। ईरान ने भारत को नेविगेशन यानी रास्ता दिखाने में मदद करने की पेशकश भी की है। यह खबर ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है।
ईरान और भारत के बीच क्या बात हुई
भारत में ईरान के राजदूत Mohammad Fathali ने 13 अप्रैल 2026 को एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि भारत और ईरान के हित एक जैसे हैं। उन्होंने कहा कि Strait of Hormuz ईरान का क्षेत्रीय जल क्षेत्र है, लेकिन वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करता है। राजदूत ने इस बात से इनकार किया कि भारतीय टैंकरों से कोई टोल लिया गया है और भारत सरकार से इसकी पुष्टि करने को कहा।
Jag Vikram जहाज और गुजरात का कनेक्शन
केंद्रीय शिपिंग मंत्री Sarbananda Sonowal ने जानकारी दी कि भारतीय जहाज Jag Vikram 11 अप्रैल 2026 को सुरक्षित रूप से Strait of Hormuz से निकल गया है। इस जहाज पर 24 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे। यह जहाज 14 अप्रैल 2026 को Gujarat के Kandla पोर्ट पहुंचने की उम्मीद है। यह जहाज अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम के बाद वहां से निकलने वाला पहला भारतीय जहाज था।
अमेरिका की नाकाबंदी और भारत की स्थिति
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 13 अप्रैल 2026 से ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी शुरू कर दी है। हालांकि, US Central Command ने स्पष्ट किया है कि यह नाकाबंदी सिर्फ ईरानी बंदरगाहों पर जाने या वहां से आने वाले जहाजों के लिए है, बाकी जहाजों के आने-जाने की आजादी बनी रहेगी। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने सभी जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता मांगा है। फिलहाल फारस की खाड़ी में भारत के 15 जहाज फंसे हुए हैं।