World: ईरान ने 8 अप्रैल 2026 को एक बड़ा कदम उठाते हुए Strait of Hormuz को पूरी तरह बंद करने की घोषणा कर दी है। ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, यह फैसला लेबनान में इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमलों के विरोध में लिया गया है
World: ईरान ने 8 अप्रैल 2026 को एक बड़ा कदम उठाते हुए Strait of Hormuz को पूरी तरह बंद करने की घोषणा कर दी है। ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, यह फैसला लेबनान में इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमलों के विरोध में लिया गया है। लेबनान के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इन हमलों में अब तक 110 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुआ दो हफ्ते का युद्धविराम शुरू होने वाला था। अब इस रणनीतिक समुद्री रास्ते के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की सप्लाई बाधित हो सकती है।
ईरान ने क्यों लिया समुद्री रास्ता बंद करने का फैसला?
ईरान का आरोप है कि इजरायल ने लेबनान में बमबारी करके शांति समझौते की शर्तों को तोड़ा है। हालांकि इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ किया है कि समझौते में हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई न करने की कोई शर्त नहीं थी। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इसे समझौते का उल्लंघन बताया है। इसी खींचतान के बीच ईरान की सेना IRGC ने तेल टैंकरों को वापस मोड़ना शुरू कर दिया है और चेतावनी दी है कि हमले न रुके तो और कड़ा जवाब दिया जाएगा। इस बीच व्हाइट हाउस ने रास्ता बंद होने की खबरों को गलत बताया है और ट्रैफिक जारी रहने की बात कही है।
दुनिया पर इस फैसले का क्या होगा असर?
Strait of Hormuz को ग्लोबल ऑयल मार्केट की लाइफलाइन माना जाता है। इसके बंद होने से पड़ने वाले मुख्य प्रभाव नीचे दिए गए हैं:
- तेल की सप्लाई: दुनिया का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी संकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है।
- कीमतों में बढ़ोत्तरी: सप्लाई रुकने से भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ सकते हैं जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा है।
- अमेरिका का रुख: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम ने मांग की है कि इस रास्ते को बिना किसी देरी और बिना किसी शुल्क (टोल) के तुरंत खोला जाए।
- शांति वार्ता: पाकिस्तान में 10 अप्रैल को होने वाली अगली दौर की बातचीत अब काफी मुश्किल में नजर आ रही है।
- नया टैक्स: ईरान ने संकेत दिया है कि वह भविष्य में इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से फीस वसूलने की व्यवस्था शुरू कर सकता है।