Strait of Hormuz में ईरान ने UAE के दो तेल टैंकरों पर किया हमला, अरब देशों में बढ़ा तनाव

World : मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने Strait of Hormuz में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया है। इस घटना के बाद अरब लीग और कई अन्य देशों ने ईरान की कड़ी निंदा की है। उनका कहन

World : मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने Strait of Hormuz में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया है। इस घटना के बाद अरब लीग और कई अन्य देशों ने ईरान की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का बड़ा उल्लंघन है और इससे दुनिया भर के व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

यह हमला गुरुवार शाम (13 अगस्त 2026) को हुआ था। UAE के विदेश मंत्रालय ने इसे ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की समुद्री डकैती बताया है। UAE ने कहा कि ये हमले बिना किसी उकसावे के किए गए। वहीं शुक्रवार को अरब लीग ने एक बयान जारी कर कहा कि ईरान की ऐसी हरकतें जहाजों के आने-जाने की आजादी को खतरे में डालती हैं। सऊदी अरब ने भी इसे एक खतरनाक कदम बताया और कहा कि ईरान इस पूरी स्थिति के लिए जिम्मेदार है।

कतर के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन माना है। कतर ने साफ कहा कि Strait of Hormuz को दबाव बनाने के हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा जॉर्डन और मिस्र ने भी UAE के साथ अपनी एकजुटता जताई है। अरब देशों का कहना है कि यह घटना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन है, जो मार्च में अपनाया गया था और जिसमें ईरान के ऐसे हमलों की निंदा की गई थी।

तनाव इस कदर बढ़ गया है कि ईरान के खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने गुरुवार को दावा किया कि बिना तेहरान की अनुमति और निगरानी के कोई भी कमर्शियल जहाज या तेल टैंकर Strait of Hormuz से सुरक्षित नहीं गुजर पाएगा। दूसरी तरफ खबरें हैं कि अमेरिका भी ईरान के खिलाफ इस इलाके में कड़ा रुख अपना रहा है। इससे पहले 8 अगस्त को भी एक UAE टैंकर पर हमला हुआ था, जिसकी निंदा अरब लीग के महासचिव ने की थी।