Bihar, Maharashtra और Mizoram: आम लोगों को सुरक्षित और सही दवाइयां मिल सकें, इसके लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। Indian Pharmacopoeia Commission (IPC) ने इन तीन राज्यों की फार्मेसी काउंसिल के साथ समझौता (MoU)
Bihar, Maharashtra और Mizoram: आम लोगों को सुरक्षित और सही दवाइयां मिल सकें, इसके लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। Indian Pharmacopoeia Commission (IPC) ने इन तीन राज्यों की फार्मेसी काउंसिल के साथ समझौता (MoU) किया है। इस पहल का मकसद दवाइयों के सही इस्तेमाल को बढ़ावा देना और मरीजों की सुरक्षा को बेहतर बनाना है।
दवाओं की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
इस समझौते के तहत अब इन राज्यों में दवाइयों के असर और उनके साइड इफेक्ट्स पर कड़ी नजर रखी जाएगी। IPC और राज्य फार्मेसी काउंसिल मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि फार्मासिस्ट नेशनल फॉर्मुलरी ऑफ इंडिया (NFI) का पालन करें। इससे मरीजों को सही और सबूतों पर आधारित दवाइयां मिलेंगी। साथ ही, अस्पतालों की फार्मेसी में NFI को एक जरूरी दस्तावेज के रूप में लागू किया जाएगा।
आम मरीजों को इससे क्या फायदा होगा?
इस सिस्टम से दवाओं के गलत इस्तेमाल में कमी आएगी और पेशेंट सेफ्टी बढ़ेगी। Pharmacovigilance Programme of India (PvPI) को मजबूत किया जाएगा, जिससे अगर किसी दवा से कोई बुरा असर (ADR) होता है, तो उसकी रिपोर्टिंग जल्दी होगी। इसके लिए राज्यों में ADR मॉनिटरिंग सेंटर (AMCs) भी बनाए जाएंगे। इससे स्वास्थ्य विभाग को पता चलेगा कि कौन सी दवा सुरक्षित है और कौन सी नहीं।
कौन-कौन से अधिकारी इस मुहिम से जुड़े हैं?
गाजियाबाद स्थित IPC में 12 मई 2026 को हुए इस समझौते के दौरान कई बड़े अधिकारी मौजूद थे। IPC के सेक्रेटरी डॉ. वी कलैसेल्वन ने इसे दवा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम बताया। बिहार फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. प्रकाश सिन्हा, महाराष्ट्र काउंसिल के अध्यक्ष अतुल अहिरे और मिजोरम काउंसिल के उपाध्यक्ष डॉ. एच लालहलेनमाविया ने इस प्रक्रिया में अपनी भागीदारी तय की है। अब इन राज्यों में फार्मासिस्टों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम और वर्कशॉप भी आयोजित किए जाएंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
IPC और राज्य फार्मेसी काउंसिल के बीच हुए समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य दवाइयों के सही इस्तेमाल को बढ़ावा देना, दवाओं के साइड इफेक्ट्स की निगरानी (Pharmacovigilance) को बेहतर करना और मरीजों की सुरक्षा बढ़ाना है।
नेशनल फॉर्मुलरी ऑफ इंडिया (NFI) का क्या महत्व है?
NFI एक मानक दस्तावेज है जो फार्मासिस्टों को सुरक्षित और प्रभावी दवाइयों के चयन में मदद करता है। इसे अब राज्य के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पताल फार्मेसी में अनिवार्य बनाया जाएगा।