Indian Railways: रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भारतीय रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाया है। 10 जून 2026 को आधिकारिक घोषणा की गई कि अब देशभर के रेलवे स्टेशनों पर फायर सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि
Indian Railways: रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भारतीय रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाया है। 10 जून 2026 को आधिकारिक घोषणा की गई कि अब देशभर के रेलवे स्टेशनों पर फायर सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति या आग लगने की घटना में स्टेशन पूरी तरह तैयार रहें और यात्रियों को कोई नुकसान न हो।
स्टेशनों पर किन चीजों की होगी जांच
इस ऑडिट के दौरान स्टेशनों के बुनियादी ढांचे की बारीकी से जांच की जाएगी। इसमें स्टेशन की बिल्डिंग, बिजली के कनेक्शन, एयर कंडीशनिंग और वेंटिलेशन सिस्टम को देखा जाएगा। साथ ही इमरजेंसी एग्जिट, आग बुझाने वाले उपकरण, पानी की उपलब्धता, पंपिंग अरेंजमेंट और स्प्रिंकलर सिस्टम की भी जांच होगी। अगर कहीं कोई कमी पाई गई, तो उसे तुरंत ठीक किया जाएगा।
पेंट्री कार और ICF कोच के लिए क्या निर्देश हैं
स्टेशनों के अलावा रेलवे ने ट्रेनों के अंदर की सुरक्षा पर भी जोर दिया है। पेंट्री कार में आग के खतरों को रोकने के लिए 2 जून से 20 जून 2026 तक विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, 7 जून से ICF कोचों की भी जांच शुरू हुई है ताकि जंग या स्ट्रक्चरल कमजोरी वाले कोचों को हटाया जा सके।
| जांच का क्षेत्र |
मुख्य फोकस |
समय सीमा/कारण |
| रेलवे स्टेशन |
फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट |
10 जून से शुरू |
| पेंट्री कार |
हीटिंग कॉइल्स और स्मोक डिटेक्टर |
2 से 20 जून 2026 |
| ICF कोच |
जंग, क्षरण और स्ट्रक्चरल कमजोरी |
7 जून से शुरू |
Frequently Asked Questions (FAQs)
रेलवे स्टेशनों पर फायर सेफ्टी ऑडिट क्यों किया जा रहा है?
यह ऑडिट इसलिए किया जा रहा है ताकि स्टेशन की बिल्डिंग, बिजली के सिस्टम और आग बुझाने वाले उपकरणों की जांच हो सके और किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पेंट्री कार में किस तरह की गड़बड़ियां पाई गई थीं?
जांच में पाया गया कि कुछ जगहों पर हीटिंग कॉइल्स के साथ छेड़छाड़ की गई थी, स्मोक डिटेक्टरों को ढका गया था और फायर डिटेक्शन पैनल के सामने रास्ता ब्लॉक किया गया था।