Haryana: भारतीय रेलवे ने पर्यावरण को बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब हरियाणा के जींद-सोनीपत रूट पर देश की पहली स्वदेशी Hydrogen Fuel Cell आधारित ट्रेन चलेगी। रेलवे बोर्ड ने 10 कोच वाली इस ट्रेन को चलाने की मंज
Haryana: भारतीय रेलवे ने पर्यावरण को बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब हरियाणा के जींद-सोनीपत रूट पर देश की पहली स्वदेशी Hydrogen Fuel Cell आधारित ट्रेन चलेगी। रेलवे बोर्ड ने 10 कोच वाली इस ट्रेन को चलाने की मंजूरी दे दी है, जिससे आने वाले समय में प्रदूषण कम होगा और सफर ज्यादा सुरक्षित और आधुनिक बनेगा।
Hydrogen ट्रेन की खासियतें और रफ्तार क्या होगी?
यह ट्रेन पूरी तरह से हाइड्रोजन से चलेगी और इसकी अधिकतम रफ्तार 75 kmph होगी। इसमें 1200 KW का हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रोपल्शन सिस्टम लगाया गया है। इस ट्रेन को चेन्नई के Integral Coach Factory (ICF) ने बनाया है। रेलवे का लक्ष्य 2030 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन हासिल करना है और 2047 तक ऐसी लगभग 50 ट्रेनें चलाने की योजना है।
| विवरण |
जानकारी |
| रूट |
जींद से सोनीपत (Northern Railway) |
| कोच की संख्या |
10 कोच |
| अधिकतम रफ्तार |
75 kmph |
| पावर सिस्टम |
1200 KW Hydrogen Fuel Cell |
| निर्माता |
ICF, चेन्नई |
| रिफ्यूलिंग स्टेशन |
जींद, हरियाणा |
सुरक्षा और संचालन के नियम क्या रहेंगे?
ट्रेन के संचालन से पहले RDSO और CCRS ने सुरक्षा जांच पूरी कर ली है। PESO ने जींद में हाइड्रोजन गैस के स्टोरेज और फिलिंग के लिए लाइसेंस दे दिया है। शुरुआत के तीन महीनों तक ट्रेन के साथ ट्रेंड टेक्निकल स्टाफ रहेगा ताकि किसी भी तकनीकी खराबी को तुरंत ठीक किया जा सके। रखरखाव के लिए ट्रेन को डीजल इंजन की मदद से दिल्ली के शकूरबस्ती डिपो ले जाया जाएगा।
क्या यह ट्रेन अभी से यात्रियों के लिए शुरू हो गई है?
रेलवे अधिकारियों ने साफ किया है कि मंजूरी मिलने का मतलब यह नहीं है कि पैसेंजर सर्विस तुरंत शुरू हो जाएगी। अभी कुछ जरूरी कागजी कार्रवाई और वेरिफिकेशन के काम बाकी हैं। हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने निर्देश दिए हैं कि पावर सप्लाई और बैकअप सिस्टम का नियमित ऑडिट किया जाए ताकि यात्रियों को किसी तरह की देरी या परेशानी न हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हाइड्रोजन ट्रेन जींद-सोनीपत रूट पर कब से चलेगी?
रेलवे बोर्ड ने मई 2026 में इसकी मंजूरी दे दी है। हालांकि, अभी कुछ वेरिफिकेशन और कंप्लायंस प्रोसेस बाकी हैं, इसलिए इसकी सटीक तारीख तय नहीं है, लेकिन यह जल्द शुरू होगी।
इस ट्रेन की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?
ट्रेन की सुरक्षा के लिए RDSO और CCRS ने टेस्टिंग की है। हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशन पर लीकेज और फ्लेम डिटेक्टर जैसे सेंसर लगाए गए हैं, जिनकी नियमित सफाई और जांच की जाएगी।