Delhi: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने South Korea के राष्ट्रपति Lee Jae Myung का स्वागत किया है। दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने पर बात हुई। इस मुलाकात का मुख्य मकसद व्यापार को बढ़ाना और नई टेक्
Delhi: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने South Korea के राष्ट्रपति Lee Jae Myung का स्वागत किया है। दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने पर बात हुई। इस मुलाकात का मुख्य मकसद व्यापार को बढ़ाना और नई टेक्नोलॉजी में एक-दूसरे का साथ देना है। राष्ट्रपति Lee और उनकी पत्नी तीन दिन के आधिकारिक दौरे पर New Delhi आई हुई हैं, जहाँ एयरपोर्ट पर उनका स्वागत केंद्रीय राज्य मंत्री Harsh Malhotra ने किया।
व्यापार और निवेश में क्या बड़े बदलाव होंगे?
भारत और South Korea ने अपने आपसी व्यापार को साल 2030 तक 27 अरब डॉलर से बढ़ाकर 50 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए दोनों देश CEPA समझौते को अपडेट करेंगे ताकि व्यापार में आने वाली रुकावटें कम हों और बाजार तक पहुंच आसान हो। निवेश बढ़ाने के लिए भारत में कोरियाई कंपनियों के लिए एक खास इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने पर भी चर्चा हुई है, जिसमें पहले से तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा।
किन क्षेत्रों में हुआ समझौता और सहयोग?
दोनों देशों ने कई अहम मुद्दों पर MoU साइन किए हैं, जिससे आम लोगों और उद्योगों को फायदा होगा। मुख्य सहयोग वाले क्षेत्र इस प्रकार हैं:
| क्षेत्र |
सहयोग का विवरण |
| टेक्नोलॉजी |
Artificial Intelligence (AI) में साझेदारी |
| इंडस्ट्री |
Shipbuilding और ऊर्जा क्षेत्र में मदद |
| एनर्जी |
नेफ्था (Naphtha) का आयात बढ़ाएगा South Korea |
| फाइनेंस |
India-Korea Financial Forum की शुरुआत |
| पर्यावरण |
International Solar Alliance में शामिल होगा कोरिया |
आम आदमी और बिजनेस पर क्या होगा असर?
इस साझेदारी से भारत में नई फैक्ट्रियां लगेंगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। AI और शिपबिल्डिंग जैसे क्षेत्रों में नई तकनीक आने से स्थानीय उद्योगों को मजबूती मिलेगी। साथ ही, ऊर्जा संसाधनों की स्थिर सप्लाई सुनिश्चित होगी, जिससे भविष्य में ईंधन और कच्चे माल की किल्लत नहीं होगी। दोनों देशों ने मिलकर Industrial Cooperation Committee भी बनाई है ताकि बिजनेस लेवल पर काम तेजी से हो सके।