Automobile: अब आपकी इलेक्ट्रिक गाड़ी सिर्फ आपको ऑफिस या बाजार नहीं ले जाएगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर बिजली का पावर बैंक भी बन जाएगी। India Smart Grid Forum (ISGF) ने दक्षिण एशिया का पहला Vehicle-to-Grid (V2G) प्रोजेक्ट शुरू
Automobile: अब आपकी इलेक्ट्रिक गाड़ी सिर्फ आपको ऑफिस या बाजार नहीं ले जाएगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर बिजली का पावर बैंक भी बन जाएगी। India Smart Grid Forum (ISGF) ने दक्षिण एशिया का पहला Vehicle-to-Grid (V2G) प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस तकनीक से EV कार में जमा बिजली को वापस पावर ग्रिड में भेजा जा सकेगा, जिससे बिजली की कमी के समय मदद मिलेगी।
V2G तकनीक क्या है और यह कैसे काम करेगी?
V2G का मतलब है कि इलेक्ट्रिक गाड़ी की बैटरी से बिजली निकालकर उसे वापस ग्रिड में भेजा जा सकता है। इस प्रोजेक्ट के लिए Tata Nexon EV की चार कारों का इस्तेमाल किया गया, जिनमें खास bidirectional पावर मॉड्यूल लगाए गए। यह तकनीक AC आधारित है, जो DC के मुकाबले सस्ती है और इसे बड़े पैमाने पर लागू करना आसान होगा। इससे बिजली कंपनियां पीक डिमांड के समय लोड मैनेज कर पाएंगी।
किन शहरों और राज्यों में हुआ इसका ट्रायल?
इस प्रोजेक्ट का सफल ट्रायल दिल्ली की BSES Rajdhani Power Limited, BSES Yamuna Power Limited और TATA Power Delhi Distribution Limited में किया गया। वहीं केरल में इसे 4 जुलाई 2025 को बिजली मंत्री के. कृष्णन कुट्टी ने शुरू किया था। केरल सरकार ने इसके लिए नियम भी बना दिए हैं, जिससे EV मालिक अपनी गाड़ी की बिजली ग्रिड को बेच सकेंगे।
EV मालिकों को क्या फायदा होगा?
केरल के नियमों के मुताबिक, पीक आवर्स यानी जब बिजली की मांग सबसे ज्यादा होती है, तब बिजली ग्रिड को वापस भेजने पर ₹10 प्रति यूनिट तक का रेट मिल सकता है। इसके अलावा, इसमें ब्लॉकचेन आधारित ग्रीन चार्जिंग की सुविधा भी है, जिससे यूजर यह चुन सकेंगे कि उनकी गाड़ी रिन्यूएबल एनर्जी से चार्ज हो। इससे न केवल कमाई होगी बल्कि पर्यावरण को भी फायदा पहुंचेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
V2G तकनीक से आम आदमी को क्या फायदा होगा?
इस तकनीक से EV मालिक अपनी गाड़ी की बैटरी में जमा अतिरिक्त बिजली को ग्रिड को बेचकर पैसे कमा सकेंगे। केरल में इसके लिए ₹10 प्रति यूनिट तक के टैरिफ का प्रस्ताव है।
इस प्रोजेक्ट में किन गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया है?
इस पायलट प्रोजेक्ट में चार Tata Nexon EV गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया, जिन्हें विशेष bidirectional पावर मॉड्यूल के साथ तैयार किया गया था।