World : भारत और सिंगापुर ने आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए एक साथ काम करने का फैसला किया है। नई दिल्ली में हुई एक खास मीटिंग में दोनों देशों ने साफ कहा कि वे आतंकवाद के किसी भी रूप को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस बैठक मे
World : भारत और सिंगापुर ने आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए एक साथ काम करने का फैसला किया है। नई दिल्ली में हुई एक खास मीटिंग में दोनों देशों ने साफ कहा कि वे आतंकवाद के किसी भी रूप को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस बैठक में सीमा पार से होने वाली आतंकी गतिविधियों पर गहरी चिंता जताई गई और दोषियों को सजा दिलाने की बात कही गई।
किन आतंकी हमलों का जिक्र हुआ और क्या रही चर्चा?
मीटिंग के दौरान 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के Pahalgam में हुए हमले और 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के Red Fort के पास हुई आतंकी घटना की कड़ी निंदा की गई। भारत और सिंगापुर ने कहा कि आतंकवाद के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। इस दौरान UN, ASEAN और FATF जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर काम करने पर सहमति बनी ताकि आतंकियों की कमर तोड़ी जा सके।
मीटिंग में और किन अहम मुद्दों पर बात हुई?
इस बैठक की अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. विनोद बहादे और सिंगापुर के गृह मंत्रालय के डिप्टी सेक्रेटरी न्गियम शिह चुन ने की। दोनों देशों ने UN सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति द्वारा लिस्ट किए गए आतंकी समूहों से निपटने पर चर्चा की। साथ ही, सीमा पार खतरों से बचने के लिए समय पर जानकारी साझा करने और आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
ऑनलाइन स्कैम और भविष्य की योजनाएं क्या हैं?
आतंकवाद के अलावा सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल ने भारत के Anti-Scam Centre का भी दौरा किया। यहाँ दोनों देशों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी और ट्रांसनेशनल स्कैम्स को रोकने के लिए तकनीक और जानकारी साझा करने पर बात की। अब इस तरह की अगली बैठक सिंगापुर में आयोजित की जाएगी, जिसकी तारीख जल्द तय होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भारत और सिंगापुर की इस मीटिंग का मुख्य उद्देश्य क्या था?
यह आतंकवाद और transnational अपराधों से लड़ने के लिए 5वीं Joint Working Group (JWG) मीटिंग थी, जिसका मकसद आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाना और आपसी सहयोग बढ़ाना था।
किन आतंकी संगठनों का नाम चर्चा में आया?
Pahalgam हमले के लिए The Resistance Front (TRF) और Red Fort के पास हुई घटना के लिए जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी समूहों का जिक्र रहा।