Mumbai-Ahmedabad Bullet Train: जापान के पूर्व मंत्री के बयान को भारत ने नकारा, कहा- काम तेजी से चल रहा है

Gujarat/Maharashtra: मुंबई और अहमदाबाद के बीच बनने वाली बुलेट ट्रेन को लेकर भारत और जापान के बीच विवाद जैसी स्थिति बन गई है। जापान के एक पूर्व मंत्री ने इस प्रोजेक्ट में देरी को लेकर भारत पर लापरवाही का आरोप लगाया था, जि

Gujarat/Maharashtra: मुंबई और अहमदाबाद के बीच बनने वाली बुलेट ट्रेन को लेकर भारत और जापान के बीच विवाद जैसी स्थिति बन गई है। जापान के एक पूर्व मंत्री ने इस प्रोजेक्ट में देरी को लेकर भारत पर लापरवाही का आरोप लगाया था, जिसे भारत सरकार ने पूरी तरह गलत बताया है। विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि प्रोजेक्ट सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और पूर्व मंत्री की बातें तथ्यों से परे हैं।

पूरा मामला तब शुरू हुआ जब जापान के पूर्व न्याय मंत्री Hideki Makihara ने 15 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया। उन्होंने भारत पर आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान वादों को पूरा नहीं किया गया और प्रोजेक्ट में होने वाली देरी के लिए पूरी तरह भारतीय पक्ष जिम्मेदार है। उन्होंने इसे भारत का लापरवाही भरा व्यवहार बताया।

इस बयान पर पलटवार करते हुए भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने 17 जुलाई 2026 को कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की निजी राय है और इसका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत और जापान के बीच हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को लेकर चर्चाएं बहुत अच्छे से चल रही हैं।

रेलवे मंत्री Ashwini Vaishnaw ने भी प्रोजेक्ट की प्रगति पर भरोसा जताया है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट का पहला हिस्सा, जो सूरत से बिलीमोरा के बीच चलेगा, वह 15 अगस्त 2027 तक शुरू हो जाएगा।

मुख्य बिंदु विवरण
प्रोजेक्ट की स्थिति लगभग 80% काम पूरा हो चुका है
पहला चरण (सूरत-बिलीमोरा) 15 अगस्त 2027 तक शुरू होगा
ट्रेन का संचालन शुरुआत में भारतीय हाई-स्पीड ट्रेन चलेंगी
जापानी E10 सीरीज ट्रेन 2030 के दशक की शुरुआत में मिलेंगी
कुल लंबाई और लागत 508 किमी, करीब 1.08 लाख करोड़ रुपये
फंडिंग JICA (जापान) से लॉन्ग टर्म लोन

विदेश मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि सिग्नलिंग उपकरणों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से ऑर्डर दिए गए हैं और इस मामले में जापान की तरफ से कोई ऑफर नहीं मिला था। वहीं, NHSRCL ने हाल ही में स्पष्ट किया कि उल्हास नदी पर पुल के पास भारी बारिश से सिर्फ एक अस्थायी रास्ता प्रभावित हुआ था, मुख्य पुल या प्रोजेक्ट की समयसीमा पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है।