Tamil Nadu : भारत ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। कलपक्कम में बने 500 मेगावॉट क्षमता के स्वदेशी प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने 6 अप्रैल 2026 को क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली है। इसक
Tamil Nadu : भारत ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। कलपक्कम में बने 500 मेगावॉट क्षमता के स्वदेशी प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने 6 अप्रैल 2026 को क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली है। इसका सीधा मतलब है कि रिएक्टर ने अब नियंत्रित तरीके से बिजली बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कदम से भारत अब ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ गया है।
PFBR रिएक्टर क्या है और यह कैसे काम करता है?
यह एक खास तरह का रिएक्टर है जिसे BHAVINI ने स्वदेशी तकनीक से बनाया है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह जितना ईंधन इस्तेमाल करता है, उससे ज्यादा ईंधन पैदा करता है। इसमें यूरेनियम-प्लूटोनियम मिश्रित ऑक्साइड (MOX) ईंधन और कूलेंट के तौर पर तरल सोडियम का इस्तेमाल होता है। इस तकनीक के साथ भारत अब रूस के बाद दुनिया का दूसरा ऐसा देश बन गया है जिसके पास वाणिज्यिक फास्ट ब्रीडर रिएक्टर चलाने की क्षमता है।
थोरियम का इस्तेमाल और आम लोगों को क्या फायदा होगा?
ज्यादातर परमाणु रिएक्टर यूरेनियम से चलते हैं, लेकिन भारत के पास थोरियम का बहुत बड़ा भंडार है। PFBR की सफलता ने अब थोरियम का इस्तेमाल करने का रास्ता खोल दिया है। इससे भविष्य में बिजली की सप्लाई ज्यादा सुरक्षित होगी और विदेशी ईंधन पर निर्भरता कम होगी। जब दुनिया में युद्ध या तनाव की वजह से ईंधन की सप्लाई रुकती है, तब बिजली महंगी हो जाती है, लेकिन इस तकनीक से भारत अपनी जरूरत का ईंधन खुद तैयार कर सकेगा।
भारत के परमाणु कार्यक्रम के लक्ष्य और मुख्य बातें
| मुख्य बिंदु |
विवरण |
| लक्ष्य 2047 |
100 गीगावॉट परमाणु क्षमता हासिल करना |
| लोकेशन |
कलपक्कम, Tamil Nadu |
| क्षमता |
500 मेगावॉट (MWe) |
| मुख्य संस्थाएं |
BHAVINI, IGCAR और परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) |
| विशेषता |
थोरियम आधारित ऊर्जा की ओर बड़ा कदम |
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर वैज्ञानिकों को बधाई दी है। वहीं अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) और IEA ने भी इसे एक बड़ी तकनीकी जीत बताया है। भारत का लक्ष्य 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन (Net-Zero Emission) के लक्ष्य को पूरा करना है, जिसमें यह रिएक्टर अहम भूमिका निभाएगा।