India और Pakistan के बीच तनाव बरकरार, सिंधु जल समझौते और सीमा विवाद पर बढ़ी बहस
World : भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में एक बार फिर कड़वाहट और तनाव देखा जा रहा है। अगस्त के मध्य में दोनों देशों ने एक-दूसरे को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राजनयिक निमंत्रण तो भेजे, लेकिन जमीनी हकीकत काफी अलग रही। जह
World : भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में एक बार फिर कड़वाहट और तनाव देखा जा रहा है। अगस्त के मध्य में दोनों देशों ने एक-दूसरे को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राजनयिक निमंत्रण तो भेजे, लेकिन जमीनी हकीकत काफी अलग रही। जहाँ एक तरफ शांति की कुछ कोशिशें दिखीं, वहीं दूसरी तरफ पानी के बंटवारे और पुराने सैन्य विवादों को लेकर दोनों देशों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल समझौते (Indus Waters Treaty) को लेकर भारत को चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान के हिस्से का पानी एक ‘रेड लाइन’ है और भारत द्वारा इस समझौते को रोकने के प्रयासों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दूसरी तरफ, भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जाइसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत का रुख नहीं बदला है। भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस समझौते को स्थगित कर दिया था। भारत ने यह भी दोहराया कि जम्मू, कश्मीर और लद्दाख पूरी तरह से भारत का अभिन्न अंग हैं।
पाकिस्तान में हाल ही में ‘यदगार-ए-फतह’ नाम से एक विजय स्मारक भी बनाया गया है। यह स्मारक मई 2025 में हुए सैन्य टकराव की याद में बनाया गया है, जिसे भारत में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पाकिस्तान में ‘मरका-ए-हक’ के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा, पाकिस्तान ने सऊदी अरब और तुर्की के साथ मिलकर मक्का संयुक्त रक्षा समझौता किया है, जिसके तहत किसी एक देश पर हमला तीनों पर हमला माना जाएगा।
आम जनता के बीच भी दोनों देशों के प्रति काफी नाराजगी है। Pew Research Center के सर्वे के मुताबिक, 90 प्रतिशत से ज्यादा पाकिस्तानी और 78 प्रतिशत भारतीय एक-दूसरे को खतरे के रूप में देखते हैं। हालांकि, वाघा-अटारी बॉर्डर पर एक विशेष कार्यक्रम के जरिए शांति और भाईचारे का संदेश देने की कोशिश की गई, ताकि आम लोगों के बीच रिश्तों में सुधार आ सके।
इस बीच, बलोच नेता मीर यार बलोच ने पाकिस्तान सरकार की कड़ी आलोचना की है और इसे एक ‘रॉग स्टेट’ बताया है। उन्होंने बलोचिस्तान के बंदरगाहों को भारत के व्यापार के लिए खोलने का प्रस्ताव दिया है और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।