Finance : भारत अब दुनिया भर के निवेशकों के लिए एक पसंदीदा जगह बनता जा रहा है। World Economic Forum (WEF) के पूर्व डायरेक्टर Richter ने दिल्ली में ANI से बातचीत के दौरान कहा कि मौजूदा सरकार के समय में भ्रष्टाचार और लालफीत
Finance : भारत अब दुनिया भर के निवेशकों के लिए एक पसंदीदा जगह बनता जा रहा है। World Economic Forum (WEF) के पूर्व डायरेक्टर Richter ने दिल्ली में ANI से बातचीत के दौरान कहा कि मौजूदा सरकार के समय में भ्रष्टाचार और लालफीताशाही (Red Tape) में कमी आई है। इससे बिजनेस करने का माहौल बेहतर हुआ है और सरकारी कामकाज अब पहले से ज्यादा आसान और तेज हो गया है।
भारत में निवेश के माहौल में क्या बदलाव आए हैं?
Richter के मुताबिक भारत में प्रशासनिक प्रक्रियाएं अब सरल हो गई हैं, जिससे विदेशी कंपनियों के लिए यहां बिजनेस शुरू करना आसान हुआ है। इसके अलावा, अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट की 2025 की रिपोर्ट में भी बताया गया है कि विदेशी निवेश के नियमों को उदार बनाने और टैक्स सिस्टम को सरल करने से बिजनेस क्लाइमेट में सुधार हुआ है। साल 2020 से अब तक भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर पर 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश हो चुका है।
आने वाले समय में क्या हैं बड़े लक्ष्य?
भारत अपनी आर्थिक ताकत और सुधारों के दम पर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। सरकार और विशेषज्ञों ने कुछ अहम लक्ष्य तय किए हैं:
- साल 2030 तक क्लीन एनर्जी सेक्टर में 300 से 350 बिलियन डॉलर के निवेश का लक्ष्य है।
- निवेश ढांचे को और मजबूत करने के लिए एक नया Bilateral Investment Treaty (BIT) तैयार करने की योजना है।
- लेबर कोड और इनकम टैक्स एक्ट में बदलाव कर व्यापार को और सरल बनाया गया है।
Davos 2026 में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा?
जनवरी 2026 में Davos में हुई WEF की मीटिंग में भारत ने खुद को एक प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में पेश किया। वहां भारत ने अपनी आर्थिक मजबूती और रिफॉर्म्स को दुनिया के सामने रखा, जिससे कई नए निवेश समझौते हुए। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने साफ किया कि भारत का एनर्जी ट्रांजिशन ग्लोबल निवेशकों के लिए स्थिरता और विकास के बड़े अवसर लेकर आया है।