Delhi की तरफ बढ़ेगी भारत की पहली Hydrogen Train, सोनीपत-सब्जी मंडी के बीच जल्द होगा ट्रायल
Delhi/Haryana: भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन अब दिल्ली की ओर कदम बढ़ा रही है। जींद और सोनीपत के बीच सफल ट्रायल के बाद अब इसे सोनीपत से दिल्ली के बीच चलाया जाएगा। जल्द ही यह ट्रेन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक पहुंचेगी, जिससे
Delhi/Haryana: भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन अब दिल्ली की ओर कदम बढ़ा रही है। जींद और सोनीपत के बीच सफल ट्रायल के बाद अब इसे सोनीपत से दिल्ली के बीच चलाया जाएगा। जल्द ही यह ट्रेन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक पहुंचेगी, जिससे रेल यात्रा में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
इस ट्रेन का ट्रायल रन काफी खास होगा क्योंकि इसमें यात्रियों की जगह रेत की बोरियां रखी जाएंगी ताकि ट्रेन पर पड़ने वाले वजन का सही अंदाजा लगाया जा सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जुलाई 2026 को जींद, हरियाणा से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। तब से अब तक इस ट्रेन ने जींद और सोनीपत के बीच 1,200 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय कर ली है।
रेल मंत्रालय के मुताबिक, इस ट्रायल के दौरान करीब 3,200 लीटर डीजल की बचत हुई है। यह ट्रेन पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से बनी है और इसका निर्माण चेन्नई की Integral Coach Factory (ICF) ने किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस तकनीक का पूरा अधिकार भारत के पास है, जिससे भविष्य में हम इसे दूसरे देशों को निर्यात भी कर सकते हैं।
| खास जानकारी | विवरण |
|---|---|
| पावर क्षमता | 2,400 kW |
| उत्सर्जन | जीरो एमिशन (सिर्फ पानी की भाप) |
| कोच की संख्या | 10 पैसेंजर कोच और 2 पावर कार |
| स्टोरेज क्षमता | जींद में 3,000 किलोग्राम ग्रीन हाइड्रोजन |
| सुरक्षा सिस्टम | लीक, हीट, फ्लेम और स्मोक डिटेक्टर |
यह ट्रेन ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का हिस्सा है और इसका मकसद पर्यावरण को बचाना है। इसमें सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिनमें ऑटोमैटिक शट-ऑफ सिस्टम और लगातार चलने वाला वेंटिलेशन शामिल है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से तैयार किया गया है।