UP के दादरी में बना भारत का पहला EXIM कंटेनर, Maersk ने दिया 1,000 नए कंटेनर का ऑर्डर
UP/Finance: भारत अब शिपिंग कंटेनर के मामले में आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ गया है। केंद्र सरकार की 10,000 करोड़ रुपये की स्कीम के तहत देश में बना पहला EXIM कंटेनर उत्तर प्रदेश के दादरी में पेश किया गया। इसे DCM Shriram Gro
UP/Finance: भारत अब शिपिंग कंटेनर के मामले में आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ गया है। केंद्र सरकार की 10,000 करोड़ रुपये की स्कीम के तहत देश में बना पहला EXIM कंटेनर उत्तर प्रदेश के दादरी में पेश किया गया। इसे DCM Shriram Group ने तैयार किया है और दुनिया की बड़ी शिपिंग कंपनी Maersk ने इसे खरीदने के साथ ही 1,000 और कंटेनरों का ऑर्डर दे दिया है।
यह पूरा मामला यूनियन बजट 2026-27 में घोषित ‘कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग प्रमोशन स्कीम’ (CMPS) का हिस्सा है। 3 जुलाई 2026 को बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने दादरी के Maersk-CONCOR इनलैंड कंटेनर डिपो में इस कंटेनर का अनावरण किया। Maersk पहली ऐसी अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लाइन बनी है जिसने भारत में बने EXIM कंटेनर को चुना है।
सरकार की इस योजना का मुख्य मकसद चीन जैसे देशों पर निर्भरता कम करना है, क्योंकि भारत में बने कंटेनर फिलहाल चीन के मुकाबले 30-40 प्रतिशत महंगे पड़ते हैं। इसी अंतर को पाटने के लिए सरकार कंपनियों को आर्थिक मदद दे रही है।
| मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| कुल बजट | 10,000 करोड़ रुपये (5 साल के लिए) |
| बनाने वाली कंपनी | DCM Shriram Group |
| ऑर्डर देने वाली कंपनी | Maersk |
| लक्ष्य | सालाना 7.5 लाख से 10 लाख TEU क्षमता |
| निवेश का अनुमान | लगभग 1.1 ट्रिलियन रुपये |
| मार्केट वैल्यू | 80,000 करोड़ रुपये |
कंटेनरों के साथ-साथ सरकार बंदरगाहों की सुरक्षा को लेकर भी सख्त कदम उठा रही है। गृह मंत्री अमित शाह और मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने हाल ही में ब्यूरो ऑफ पोर्ट सिक्योरिटी (BoPS) की प्रगति की समीक्षा की। अब सभी बंदरगाहों पर कंटेनर स्कैनिंग अनिवार्य होगी और सुरक्षा के लिए केवल CISF द्वारा ट्रेंड कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए विशाखापत्तनम, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट और मुंद्रा पोर्ट जैसे बड़े बंदरगाहों पर ट्रायल रन की तैयारी है।