Mumbai पहुंचीं भारत की पहली महिला Tri-Service टीम, 314 दिनों में दुनिया का चक्कर लगाकर रचा इतिहास

Maharashtra: भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की 9 महिला अधिकारियों की टीम दुनिया का चक्कर लगाकर मुंबई वापस लौट आई है। ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ नाम के इस मिशन में इन जांबाज अधिकारियों ने 314 दिनों तक समुद्र में समय

Maharashtra: भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की 9 महिला अधिकारियों की टीम दुनिया का चक्कर लगाकर मुंबई वापस लौट आई है। ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ नाम के इस मिशन में इन जांबाज अधिकारियों ने 314 दिनों तक समुद्र में समय बिताया और करीब 25,500 समुद्री मील की दूरी तय की। यह भारत का पहला ऐसा अभियान था जिसमें तीनों सेनाओं की महिलाओं ने एक साथ हिस्सा लिया।

इस ऐतिहासिक सफर के लिए टीम ने IASV Triveni नाम की 50 फुट लंबी नाव का इस्तेमाल किया, जिसे पुडुचेरी में बनाया गया था। इस यात्रा की शुरुआत 11 सितंबर 2025 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुंबई से की थी और 22 जुलाई 2026 को टीम वापस मुंबई पहुंची। इस मिशन के लिए अधिकारियों ने दो साल तक कड़ी ट्रेनिंग ली थी, जिसमें सेशेल्स तक की 4,000 समुद्री मील की यात्रा भी शामिल थी।

सफर के दौरान टीम ने पांच महाद्वीपों की यात्रा की और दुनिया के सबसे कठिन समुद्री रास्तों का सामना किया। टीम ने भूमध्य रेखा को दो बार पार किया और तीन बड़े केप्स—केप ल्यूविन, केप हॉर्न और केप ऑफ गुड होप को पार किया। दक्षिणी महासागर में टीम को 60 नॉट की रफ्तार वाले तूफान और 5 मीटर ऊंची लहरों का सामना करना पड़ा। केप हॉर्न को पार करने के बाद अब ये अधिकारी प्रतिष्ठित ‘केप हॉर्नर्स’ ग्रुप का हिस्सा बन गई हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता को ‘नारी शक्ति’ का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय बेटियों का जज्बा समुद्र की लहरों से कहीं ज्यादा ऊंचा है। इस अभियान का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल अनुजा वरुदकर ने किया और स्क्वाड्रन लीडर श्रद्धा पी. राजू उनकी डिप्टी रहीं। टीम में विंग कमांडर विभा सिंह, स्क्वाड्रन लीडर वैशाली भंडारी, स्क्वाड्रन लीडर अरुवी जयदेव, लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गुसाईं, मेजर करमजीत कौर, मेजर ओमिता दलवी और मेजर प्राजक्ता निकम शामिल थीं।

मुंबई में हुए फ्लैग-इन समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुख मौजूद रहे। साथ ही ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अर्जेंटीना और दक्षिण अफ्रीका के रक्षा प्रतिनिधि भी इस मौके पर शामिल हुए। अधिकारियों ने बताया कि इस यात्रा के दौरान उन्होंने चमकते समुद्र और हम्पबैक व्हेल जैसे अद्भुत नजारे देखे।