Finance : भारत सरकार अब प्रदूषण कम करने के लिए कार्बन मार्केट (ICM) को पूरी तरह लागू करने जा रही है। केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि अगले चार महीनों में देश में कार्बन ट्रेडिंग की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। इसक
Finance : भारत सरकार अब प्रदूषण कम करने के लिए कार्बन मार्केट (ICM) को पूरी तरह लागू करने जा रही है। केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि अगले चार महीनों में देश में कार्बन ट्रेडिंग की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। इसके लिए पोर्टल भी लाइव हो चुका है, जहाँ कंपनियाँ अपना रजिस्ट्रेशन करा सकती हैं।
कार्बन मार्केट से किन कंपनियों पर पड़ेगा असर
सरकार ने सात बड़े सेक्टरों को इसमें शामिल किया है। इन सेक्टरों की करीब 490 कंपनियों को अब ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के लक्ष्यों को पूरा करना होगा। अगर कोई कंपनी तय सीमा से कम प्रदूषण करती है, तो उसे कार्बन क्रेडिट सर्टिफिकेट (CCC) मिलेंगे, जिन्हें वह बाजार में बेच सकेगी। वहीं, लक्ष्य पूरा न करने वाली कंपनियों को दूसरे से क्रेडिट खरीदना होगा।
नियमों का उल्लंघन करने पर क्या होगा
इस स्कीम का संचालन Bureau of Energy Efficiency (BEE) करेगा। जो कंपनियाँ नियमों का पालन नहीं करेंगी, उन्हें भारी जुर्माना देना होगा। यह जुर्माना औसत ट्रेडिंग प्राइस के दोगुने के बराबर होगा, जिसे 90 दिनों के भीतर चुकाना होगा। कंपनियों को अपनी निगरानी योजना और वेरिफिकेशन रिपोर्ट समय पर जमा करनी होगी।
इन सेक्टरों को करना होगा पालन
| सेक्टर का नाम |
स्थिति |
| एल्युमीनियम |
अनिवार्य |
| सीमेंट |
अनिवार्य |
| क्लोरो-अल्कली |
अनिवार्य |
| पल्प और पेपर |
अनिवार्य |
| पेट्रोलियम रिफाइनिंग |
अनिवार्य |
| पेट्रोकेमिकल्स |
अनिवार्य |
| टेक्सटाइल |
अनिवार्य |
Frequently Asked Questions (FAQs)
कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम (CCTS) क्या है?
यह एक ऐसा सिस्टम है जिसमें प्रदूषण कम करने वाली कंपनियों को क्रेडिट मिलते हैं। जो कंपनियाँ ज्यादा प्रदूषण करती हैं, उन्हें अपना कोटा पूरा करने के लिए ये क्रेडिट बाजार से खरीदने पड़ते हैं।
ट्रेडिंग की शुरुआत कब से होगी?
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, अगले चार महीनों के भीतर औपचारिक ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी। पोर्टल पहले से ही रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन के लिए चालू है।