India में बदल रहे हैं फैक्ट्रियां, AI से होगा काम आसान; सरकार खर्च करेगी 10 हजार करोड़ से ज्यादा
Finance: भारत की फैक्ट्रियों में अब काम करने का तरीका पूरी तरह बदल रहा है। अब सिर्फ मशीनें नहीं, बल्कि AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल हो रहा है। इससे मशीनें खुद बता देंगी कि उन्हें कब खराबी आने वाली है और साम
Finance: भारत की फैक्ट्रियों में अब काम करने का तरीका पूरी तरह बदल रहा है। अब सिर्फ मशीनें नहीं, बल्कि AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल हो रहा है। इससे मशीनें खुद बता देंगी कि उन्हें कब खराबी आने वाली है और सामान में कोई कमी तो नहीं है। मुंबई समेत देश के बड़े औद्योगिक केंद्रों में इस तकनीक को तेजी से अपनाया जा रहा है।
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इसके लिए ‘IndiaAI Mission’ शुरू किया है। इस मिशन के लिए 10,371.92 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। इसका मकसद छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) तक AI की सुविधा पहुंचाना है ताकि वे दुनिया भर की कंपनियों का मुकाबला कर सकें।
PwC इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 59 प्रतिशत भारतीय निर्माताओं का मानना है कि अगले पांच साल में उनके बिजनेस लक्ष्यों को पूरा करने में AI बड़ी भूमिका निभाएगा। कंपनियां अब डेटा कलेक्शन, क्वालिटी चेक और प्लानिंग के लिए ऑटोमेशन पर ज्यादा जोर दे रही हैं। टाटा ग्रुप की कंपनियां जैसे Tata Motors और Tata Steel भी इस दिशा में काम कर रही हैं, जहां AI मजदूरों की मदद करेगा।
इस बदलाव का असर शेयर बाजार और कंपनियों पर भी दिख रहा है। डेटा सेंटर्स के लिए फाइबर-ऑप्टिक स्ट्रैंड्स देने वाली Sterlite Technologies जैसी कंपनियों का फोकस अब बड़ी टेक कंपनियों की तरफ है। साथ ही TD Power Systems और MTAR Technologies जैसी कंपनियों की मांग भी AI सुविधाओं के कारण बढ़ी है।
| संस्था/रिपोर्ट | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| IndiaAI Mission | ₹10,371.92 करोड़ का बजट, MSMEs की मदद के लिए |
| PwC इंडिया रिपोर्ट | 59% निर्माताओं को AI से रणनीतिक फायदा दिखेगा |
| Aon स्टडी | 43% भारतीय कंपनियों ने AI का इस्तेमाल शुरू किया |
| PwC और ORF रिपोर्ट | 2035 तक MSMEs के लिए 135.6 से 149.9 अरब डॉलर का मूल्य सृजन |
हाल ही में मुंबई में हुए ‘Automation Expo 2026’ में भी दिखाया गया कि कैसे AI फैक्ट्रियों को खुद से चलने और सुधार करने में मदद कर रहा है। इससे न केवल बिजली की बचत होगी बल्कि उत्पादन की रफ्तार भी बढ़ेगी।
दिया हुआ जानकारी बस Expert की राय है, शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।, Disclaimer: Stock market investments can be risky, please consult your financial advisor.