Delhi, UP और Maharashtra समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी किया Red Alert

Delhi/UP/Maharashtra: देश के कई राज्यों में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। अगले कुछ दिन आम लोगों के

Delhi/UP/Maharashtra: देश के कई राज्यों में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। अगले कुछ दिन आम लोगों के लिए मौसम चुनौतीपूर्ण रह सकता है क्योंकि कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक, 2 जुलाई 2026 को मानसून दिल्ली, उत्तर प्रदेश के बचे हुए हिस्सों, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ इलाकों में पहुंच गया। दिल्ली में मानसून अपनी सामान्य तारीख से पांच दिन देरी से आया है, जो कि 2021 के बाद पहली बार जुलाई में पहुंचा है। वहीं उत्तर प्रदेश में मानसून 30 जून को आया था और अब यह लगभग पूरे राज्य को कवर कर लेगा।

बारिश के असर की बात करें तो दिल्ली में 2 जुलाई की सुबह बेहद तेज बारिश के लिए रेड अलर्ट था, जिसमें बिजली कड़कने और 60-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान था। 3 जुलाई के लिए यहाँ येलो अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में 2 और 3 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी यूपी में 2-3 जुलाई और फिर 6-7 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

महाराष्ट्र की स्थिति भी गंभीर है। मुंबई, ठाणे और पालघर के लिए 1 जुलाई से 4 जुलाई तक रेड अलर्ट जारी किया गया है। कोंकण और मध्य महाराष्ट्र में 3 से 5 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश हो सकती है। गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ इलाकों में भी 2 से 4 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान है।

IMD के महानिदेशक मृत्युंजय मोपात्रा ने बताया कि प्रशांत महासागर में कमजोर एल नीनो (El Niño) की स्थिति है, जिससे बारिश के पैटर्न पर असर पड़ रहा है। जुलाई महीने में देश भर में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है, जो औसत से 94% से कम रह सकती है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से अगले 5-6 दिनों तक मध्य भारत में मानसून सक्रिय रहेगा।

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे बिजली कड़कने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों के नीचे शरण न लें। जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें और बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल सावधानी से करें। यात्रा करने से पहले ट्रैफिक की जानकारी जरूर ले लें।