IIT Delhi में अब स्वदेशी मेडिकल डिवाइस बनेंगे, मरीजों को मिलेगा सस्ता और बेहतर इलाज

Delhi: राजधानी दिल्ली के IIT Delhi में अब देश में ही आधुनिक चिकित्सा उपकरण (Medical Devices) तैयार किए जाएंगे। इसका मकसद भारत को स्वास्थ्य तकनीक के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है ताकि मरीजों को महंगे विदेशी उपकरणों पर निर

Delhi: राजधानी दिल्ली के IIT Delhi में अब देश में ही आधुनिक चिकित्सा उपकरण (Medical Devices) तैयार किए जाएंगे। इसका मकसद भारत को स्वास्थ्य तकनीक के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है ताकि मरीजों को महंगे विदेशी उपकरणों पर निर्भर न रहना पड़े और इलाज सस्ता हो सके।

IIT Delhi ने इसके लिए mPragati प्लेटफॉर्म के तहत नई MedTech लैब शुरू की हैं। इसमें CNC Laboratory और Sterilization & Packaging Laboratory जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इन लैब का उद्घाटन भारत सरकार के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव और ICMR के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने किया। इन सुविधाओं की मदद से स्टार्टअप्स को रिसर्च से लेकर कमर्शियल प्रोडक्शन तक में मदद मिलेगी।

संस्थान ने कई बड़े कमाल भी किए हैं। IIT Delhi और AIIMS New Delhi ने मिलकर अंटार्कटिका में दुनिया का पहला टेली-रोबोटिक अल्ट्रासाउंड सिस्टम चलाया। इसकी मदद से भारत में बैठे डॉक्टर सैटेलाइट के जरिए अंटार्कटिका के मैत्री रिसर्च स्टेशन पर मरीजों की जांच कर सकेंगे। इसके अलावा, हाथ की रिकवरी के लिए RoboExo SMART™ नाम का एक डिवाइस बनाया गया है, जिसका क्लिनिकल ट्रायल ऑस्ट्रेलिया में भी होगा।

मेडिकल सेक्टर के अलावा, संस्थान ने DRDO के साथ मिलकर AI आधारित एक एयरोस्टेट सर्विलांस सिस्टम भी तैयार किया है, जो आपदा प्रबंधन और सुरक्षा के काम आएगा। IIT Delhi ने Wadhwani Foundation के साथ मिलकर पर्सनलाइज्ड हेल्थकेयर सेंटर भी खोला है, जहाँ AI और बायोटेक के जरिए बीमारियों की सटीक पहचान और इलाज पर काम होगा।

आम लोगों के फायदे के लिए संस्थान ने जनवरी 2025 से ‘हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी’ में MS (Research) प्रोग्राम भी शुरू किया है। इससे डॉक्टरों और इंजीनियरों को एक साथ काम करने का मौका मिलेगा। साथ ही, UNINO Healthcare और HUMMSA Biotech जैसी कंपनियों को तकनीक ट्रांसफर की गई है ताकि कैंसर और अन्य बीमारियों की जांच के लिए सस्ते उपकरण बाजार में आ सकें।