Bihar: भागलपुर के भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) में कृषि और बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के लिए मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग पर पांच दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू हुआ है। यह कार्यक्रम 12 मई 2026 से 16 मई 2026 तक चले
Bihar: भागलपुर के भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) में कृषि और बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के लिए मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग पर पांच दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू हुआ है। यह कार्यक्रम 12 मई 2026 से 16 मई 2026 तक चलेगा। इसका मकसद खेती-किसानी और स्वास्थ्य सेवाओं में नई तकनीकों को बढ़ावा देना है ताकि बीमारियों का इलाज और फसलों की पैदावार बेहतर हो सके।
इस ट्रेनिंग प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस वर्कशॉप का लक्ष्य शोधकर्ताओं और छात्रों को Python और Weka जैसे टूल्स का इस्तेमाल सिखाना है। इसके जरिए प्रतिभागी यह सीखेंगे कि AI तकनीक का उपयोग करके बीमारियों की पहचान कैसे की जाए और खेती की उत्पादकता को कैसे बढ़ाया जाए। यह प्रोग्राम हाइब्रिड मोड में आयोजित किया जा रहा है, जिससे लोग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से जुड़ सकते हैं।
कौन लोग इस कार्यक्रम से जुड़े हैं?
इस ट्रेनिंग की शुरुआत IIIT भागलपुर के डायरेक्टर प्रो. मधुसूदन सिंह ने की। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. दिलीप कुमार चौबे और डॉ. प्रदीप कुमार बिस्वाल हैं। इसमें मुख्य वक्ता के तौर पर वित्ती फाउंडेशन के अध्यक्ष कुंदन कुमार लाल और विशिष्ट अतिथि के रूप में IIT (ISM) धनबाद के प्रो. कल्याण चटर्जी शामिल हुए। साथ ही IIT पटना, NIT पटना, MANIT भोपाल और VIT वेल्लोर जैसे बड़े संस्थानों के एक्सपर्ट्स इसमें लेक्चर दे रहे हैं।
कितने लोगों ने हिस्सा लिया और कौन हैं ये प्रतिभागी?
इस ट्रेनिंग के लिए कुल 194 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसमें अलग-अलग क्षेत्रों के लोग शामिल हैं:
- स्नातक छात्र: 47.9 प्रतिशत
- स्नातकोत्तर विद्यार्थी: 12.9 प्रतिशत
- शोधार्थी: 16 प्रतिशत
- संकाय सदस्य: 20.6 प्रतिशत
- बाकी प्रतिभागी इंडस्ट्री के प्रोफेशनल हैं
Frequently Asked Questions (FAQs)
IIIT भागलपुर में यह ट्रेनिंग कब तक चलेगी?
यह पांच दिवसीय अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 मई 2026 को शुरू हुआ है और 16 मई 2026 तक चलेगा।
इस ट्रेनिंग में किन टूल्स का इस्तेमाल सिखाया जा रहा है?
प्रतिभागियों को Python और Weka जैसे आधुनिक टूल्स का उपयोग करके व्यावहारिक ज्ञान दिया जा रहा है ताकि वे AI का सही इस्तेमाल कर सकें।