Red Sea में Houthis ने सऊदी जहाजों का रास्ता रोका, तेल की कीमतों पर असर पड़ने की आशंका
World: यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर (Red Sea) में सऊदी अरब के जहाजों के लिए समुद्री नाकाबंदी का ऐलान किया है। इस फैसले से पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है। हूतियों ने यह कदम सऊदी अरब द्वारा यमन पर लगाई गई पाबंदियों
World: यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर (Red Sea) में सऊदी अरब के जहाजों के लिए समुद्री नाकाबंदी का ऐलान किया है। इस फैसले से पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है। हूतियों ने यह कदम सऊदी अरब द्वारा यमन पर लगाई गई पाबंदियों और सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर किए गए हमले के जवाब में उठाया है।
हूती प्रवक्ता याह्या साड़ी ने कहा कि यह ‘जैसे को तैसा’ वाली कार्रवाई है। उन्होंने साफ किया कि अब सऊदी जहाजों का लाल सागर में आना-जाना बंद रहेगा। हूती मीडिया ऑफिस के डिप्टी हेड नसरुद्दीन आमिर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य (Bab al-Mandeb strait) को सऊदी अरब के लिए बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने एयरलाइंस को भी सऊदी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल न करने की चेतावनी दी है।
इस विवाद की शुरुआत 13 जुलाई 2026 को हुई थी, जब सऊदी अरब ने सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला किया था। सऊदी का कहना था कि यह हमला ईरान की एक फ्लाइट को लैंड करने से रोकने के लिए किया गया था, जिसमें हूती प्रतिनिधि सवार थे। इसके जवाब में हूतियों ने अब्हा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और किंग खालिद एयर बेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए थे।
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने हूतियों के इस ऐलान की कड़ी निंदा की है। सऊदी सरकार का कहना है कि हूती अपने देश की आंतरिक समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। सऊदी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना ने इस पर सख्त जवाब देने की चेतावनी दी है और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में अपने जहाजों की सुरक्षा बढ़ा दी है।
संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। UN प्रवक्ता स्टीफन दूजारिक ने चेतावनी दी है कि इस नाकाबंदी से कच्चे तेल की कीमतों और दुनिया भर में ईंधन की सप्लाई पर बुरा असर पड़ सकता है। बाब अल-मंडेब एक बहुत ही महत्वपूर्ण रास्ता है, जहाँ से दुनिया का करीब 12 प्रतिशत व्यापार और कंटेनर व्यापार गुजरता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस नाकाबंदी की वजह से रोजाना करीब 25 लाख बैरल तेल की सप्लाई खतरे में पड़ सकती है। हालांकि, सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 88.12 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर देखी गई। फिलहाल UN के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ओमान के मस्कट में बातचीत कर रहे हैं ताकि तनाव को कम किया जा सके और 2022 में हुए युद्धविराम को बचाया जा सके।