Housr ने शुरू की जीरो-डिपॉजिट रेंटिंग सर्विस, अब बिना सिक्योरिटी जमा किए मिल सकेगा प्रीमियम कमरा
Finance: किराए पर कमरा लेने वालों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। देश की बड़ी को-लिविंग कंपनी Housr ने अब जीरो-डिपॉजिट रेंटिंग की सुविधा शुरू कर दी है। इस नई सर्विस की मदद से अब लोगों को घर या कमरा शिफ्ट करते समय भारी-
Finance: किराए पर कमरा लेने वालों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। देश की बड़ी को-लिविंग कंपनी Housr ने अब जीरो-डिपॉजिट रेंटिंग की सुविधा शुरू कर दी है। इस नई सर्विस की मदद से अब लोगों को घर या कमरा शिफ्ट करते समय भारी-भरकम सिक्योरिटी डिपॉजिट देने की जरूरत नहीं होगी, जिससे किराए पर घर लेना काफी आसान और सस्ता हो जाएगा।
यह सुविधा CirclePe के साथ साझेदारी में शुरू की गई है। आमतौर पर जब कोई व्यक्ति किराए पर कमरा लेता है, तो उसे शुरुआत में एक बड़ी रकम सिक्योरिटी के तौर पर जमा करनी पड़ती है, जो कई बार बजट बिगाड़ देती है। अब Housr के रेजिडेंट्स को इस बड़ी रकम की जगह एक छोटा मंथली पेमेंट करना होगा। यह पूरा सिस्टम Housr के रेजिडेंट मैनेजमेंट ऐप में ही जोड़ा गया है ताकि लोग आसानी से इसका इस्तेमाल कर सकें।
Housr के को-फाउंडर और CEO दीपक आनंद ने बताया कि कंपनी का मकसद प्रीमियम लिविंग को आसान बनाना है। CirclePe के साथ इस पार्टनरशिप से अब डिपॉजिट की बाधा खत्म हो जाएगी और लोगों के लिए शिफ्ट होना सरल होगा। आपको बता दें कि 1 जुलाई 2026 को proptech स्टार्टअप Crib ने CirclePe का अधिग्रहण कर लिया था, जिसका उद्देश्य रेंट फाइनेंसिंग बिजनेस को और बेहतर बनाना है।
इस बदलाव का असर खासतौर पर गुरुग्राम जैसे शहरों में रहने वाले युवाओं और प्रोफेशनल्स पर पड़ेगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का को-लिविंग मार्केट 2030 तक 200 अरब रुपये तक पहुँच सकता है। ऐसे में बिना डिपॉजिट वाले मॉडल से आम लोगों की जेब पर बोझ कम होगा और वे बेहतर सुविधाओं वाले घरों में रह पाएंगे।