Delhi, UP समेत 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कई शहरों में स्कूल बंद और जनजीवन बेहाल

Delhi/NCR: दिल्ली और आसपास के इलाकों समेत देश के 18 राज्यों में मानसून ने जमकर कहर मचाया है। भारी बारिश और तूफान की वजह से सड़कें दरिया बन गई हैं और लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। IMD ने कई राज्यों के लिए अलर्ट

Delhi/NCR: दिल्ली और आसपास के इलाकों समेत देश के 18 राज्यों में मानसून ने जमकर कहर मचाया है। भारी बारिश और तूफान की वजह से सड़कें दरिया बन गई हैं और लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। IMD ने कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है, जिससे आम जनता और प्रशासन दोनों ही सतर्क हैं।

9 जुलाई 2026 को Southwest Monsoon पूरे देश में पहुंच गया। IMD ने दिल्ली के लिए ‘Orange Alert’ जारी किया था, जबकि कुछ रिपोर्ट में ‘Red Alert’ की भी बात कही गई। दिल्ली में 9 जुलाई को 72.6 mm बारिश दर्ज की गई, जो पिछले 16 सालों में इस तारीख की दूसरी सबसे भारी बारिश थी। इस बारिश की वजह से मुनिरका जैसे इलाकों में भारी जलभराव हुआ और ट्रैफिक जाम की गंभीर स्थिति बन गई।

बारिश का असर केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में NDMA ने बिजली गिरने और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। उत्तराखंड के हरिद्वार, टिहरी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, चंपावत और चमोली जिलों में भारी बारिश के कारण 10 जुलाई को सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखे गए। गाजियाबाद में भी नर्सरी से कक्षा 12 तक के स्कूल बंद रहे।

इस मौसम ने कई जगहों पर जान-माल का नुकसान भी किया है। दिल्ली के रोहिणी में एक इमारत गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा दिल्ली और गाजियाबाद में अलग-अलग हादसों में दो नाबालिगों की जान गई। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में पिछले एक हफ्ते में तीन लोगों की मौत हुई और करीब 800 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

प्रशासन की बात करें तो दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने नालों की सफाई और ड्रेनेज सिस्टम की समीक्षा की है। PWD मंत्री Parvesh Sahib Singh ने कंट्रोल रूम से स्थिति पर नजर रखी और जलभराव से निपटने के लिए 1,000 से ज्यादा पंप तैनात किए हैं। PWD फिलहाल 45 संवेदनशील जगहों की निगरानी कर रहा है।

IMD के मुताबिक, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिम उत्तर प्रदेश में 10 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। वहीं, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है, इसलिए वहां अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी गई है।