Bihar और Jharkhand के लिए बड़ी खबर, HCL और दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के बीच समझौता, छात्रों को मिलेगी ट्रेनिंग और किसानों की बढ़ेगी कमाई

Bihar/Jharkhand: हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) और दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUSB) ने एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस एमओयू का मुख्य मकसद शोध और कौशल विकास को बढ़ावा देना है ताकि पढ़ाई और इंडस्ट्री की जर

Bihar/Jharkhand: हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) और दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUSB) ने एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस एमओयू का मुख्य मकसद शोध और कौशल विकास को बढ़ावा देना है ताकि पढ़ाई और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच के अंतर को खत्म किया जा सके। इस साझेदारी से न केवल छात्रों को नए मौके मिलेंगे, बल्कि ग्रामीण इलाकों के किसानों की जिंदगी में भी सुधार आएगा।

इस समझौते पर 24 जून 2026 को हस्ताक्षर हुए। CUSB के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने बताया कि यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उठाया गया है। इससे ज्ञान के आदान-प्रदान और व्यावहारिक अनुभव के जरिए देश के विकास में मदद मिलेगी। वहीं HCL के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक संजीव कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय के तकनीकी सहयोग से झारखंड के घाटशिला स्थित खनन क्षेत्रों में एक नया कृषि मॉडल तैयार किया जाएगा।

इस पहल का सबसे बड़ा फायदा स्थानीय किसानों को होगा। उन्हें वैज्ञानिक तरीके से खेती, मिट्टी की सेहत सुधारने, जल संरक्षण, मछली पालन और बागवानी की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसका लक्ष्य किसानों की आय को दोगुना करना और पर्यावरण के अनुकूल खेती को बढ़ावा देना है।

इस समझौते के तहत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम किया जाएगा:

मुख्य क्षेत्र विवरण
छात्रों के लिए अवसर इंटर्नशिप और कौशल वृद्धि ट्रेनिंग प्रोग्राम
संयुक्त शोध खनन, धातु विज्ञान और प्राकृतिक संसाधनों पर रिसर्च
कृषि विकास स्थायी खेती, पशुपालन और नकदी फसलों की वैज्ञानिक खेती
तकनीकी सहयोग भू-स्थानिक विश्लेषण, जलभूविज्ञान और पर्यावरण भूविज्ञान
ग्रामीण विकास आजीविका सृजन और सामुदायिक विकास
पर्यावरण जलवायु-लचीली कृषि प्रणालियों का विकास

इस मौके पर HCL की ओर से संजीव कुमार सिंह, डॉ. संजीव कुमार सिन्हा, आरवीएन विश्वेश्वर, घनश्याम दास गुप्ता और विकास कुमार मौजूद थे। वहीं CUSB की तरफ से कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह, रजिस्ट्रार प्रो. नरेंद्र कुमार राणा और डॉ. विकल कुमार सिंह ने हिस्सा लिया।