Haryana : हरियाणा सरकार ने करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के पूर्व कंट्रोलर ऑफ फाइनेंस एंड अकाउंट्स राजेश संगवान को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह माम
Haryana : हरियाणा सरकार ने करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के पूर्व कंट्रोलर ऑफ फाइनेंस एंड अकाउंट्स राजेश संगवान को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह मामला सरकारी पैसों की हेराफेरी से जुड़ा है, जिसकी जांच अब CBI कर रही है।
राजेश संगवान पर क्या आरोप हैं और कैसे हुई बर्खास्तगी?
राजेश संगवान को 30 अप्रैल 2026 को संविधान के अनुच्छेद 311(2)(b) के तहत नौकरी से निकाला गया। उन पर अपने पद का गलत इस्तेमाल करने और गंभीर वित्तीय अनियमितता के आरोप हैं। आरोप है कि 14 जनवरी 2026 को HSAMB के खाते से 10 करोड़ रुपये RTGS के जरिए दो निजी कंपनियों, SRR Planning Gurus Pvt. Ltd. और Mannat Contractors को भेजे गए थे। संगवान ने बिना सही जांच के IDFC First Bank में बचत खाता खोलने की मंजूरी दी थी और धोखाधड़ी के फोन आने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की।
घोटाले का पूरा खेल और इसमें शामिल लोग
शुरुआत में यह मामला 10 करोड़ का बताया गया था, लेकिन जांच में पता चला कि यह घोटाला करीब 590 से 597 करोड़ रुपये का है। इसमें हरियाणा सरकार के कई विभागों के पैसे शामिल हैं। आरोपियों ने फर्जी बैंकिंग लेनदेन और शेल कंपनियों के जरिए सरकारी फंड को अपने खातों में ट्रांसफर किया। इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड IDFC First Bank का पूर्व ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषि बताया जा रहा है।
| नाम |
पद/भूमिका |
वर्तमान स्थिति |
| राजेश संगवान |
पूर्व CFA, HSAMB |
बर्खास्त |
| रंधिर सिंह |
Chief Accounts Officer, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना |
बर्खास्त और CBI हिरासत में |
| नरेश भुवानी |
Superintendent, विकास और पंचायत विभाग |
बर्खास्त |
| अमित दीवान |
Director of Finance, HPGCL |
CBI हिरासत में |
| विकास कौशिक |
Senior Accounts Officer, पंचकूला नगर निगम |
न्यायिक हिरासत में |
| राजन कटोड़िया |
ज्वेलर (चंडीगढ़) |
आरोपी (250 करोड़ रुपये लेनदेन) |
CBI की जांच और सरकार का रुख
CBI ने 8 अप्रैल 2026 को इस मामले में अपनी FIR दर्ज की थी। हाल ही में CBI ने राजेश संगवान और अमित दीवान समेत चार आरोपियों को तीन दिन की हिरासत में लिया ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरी किए गए पैसों और सोने का इस्तेमाल कहां हुआ। हरियाणा सरकार ने साफ किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी ‘जीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
HSAMB घोटाले में कुल कितने पैसों की हेराफेरी हुई है?
शुरुआत में यह मामला 10 करोड़ रुपये का बताया गया था, लेकिन विस्तृत जांच में यह घोटाला लगभग 590 से 597 करोड़ रुपये का पाया गया है, जिसमें कई सरकारी विभागों का पैसा शामिल है।
इस मामले में CBI की क्या भूमिका है?
CBI ने 8 अप्रैल 2026 को FIR दर्ज की और आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घोटाले के पैसों को किस तरह घुमाया गया और कहां खर्च किया गया।