Uttarakhand: हरिद्वार पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय बच्चा चोरी गिरोह को पकड़कर दो बच्चों को सुरक्षित बचा लिया है। इस गिरोह ने हरिद्वार से 3 साल की बच्ची राधिका को अगवा किया था, जिसे दिल्ली के आनंद विहार स्टेशन से बरामद कि
Uttarakhand: हरिद्वार पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय बच्चा चोरी गिरोह को पकड़कर दो बच्चों को सुरक्षित बचा लिया है। इस गिरोह ने हरिद्वार से 3 साल की बच्ची राधिका को अगवा किया था, जिसे दिल्ली के आनंद विहार स्टेशन से बरामद किया गया। साथ ही दिल्ली से चुराए गए एक अन्य बच्चे कार्तिक को उत्तर प्रदेश के बदायूं से बरामद किया गया है। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
बच्चे चोरी गिरोह कैसे काम करता था और कितने लोग गिरफ्तार हुए
पुलिस के मुताबिक यह गिरोह बहुत ही संगठित तरीके से काम करता था। गिरोह के सरगना मोहम्मद आकिल और महिला आरोपी प्रीति शर्मा बच्चों के रेट तय करते थे और उन्हें अपना या अनाथ बताकर बेचते थे। यह गिरोह उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में सक्रिय था। पुलिस ने कुल छह आरोपियों को पकड़ा है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। ये लोग अमीर और निसंतान दंपतियों को निशाना बनाते थे और बच्चों की कीमत 2 लाख से 5 लाख रुपये तक तय की जाती थी।
पुलिस ने कैसे किया बच्चों को बरामद और क्या है पूरी घटना
हरिद्वार के बैरागी कैंप से 6 जून 2026 को 3 साल की बच्ची राधिका का अपहरण हुआ था। एसएसपी नवनीत सिंह ने टीमों का गठन कर जांच की निगरानी की। पुलिस की कार्रवाई से घबराकर आरोपी राधिका को आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर लावारिस छोड़कर भाग गए थे, जहां से RPF की मदद से उसे बरामद किया गया। इसके अलावा 24 मई 2026 को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चुराए गए 1-1.5 साल के बच्चे कार्तिक को भी बदायूं (UP) से सुरक्षित निकाल लिया गया। पुलिस ने अब इस मामले में मानव तस्करी की धाराएं जोड़ दी हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बच्चे चोरी गिरोह ने बच्चों को कहां-कहां से अगवा किया था
गिरोह ने 3 साल की बच्ची राधिका को हरिद्वार के कनखल क्षेत्र के बैरागी कैंप से और 1-1.5 साल के बच्चे कार्तिक को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चुराया था।
गिरोह बच्चों को कितने रुपये में बेचता था
पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह निसंतान और अमीर दंपत्तियों को 2 लाख से 5 लाख रुपये के बीच बच्चे बेचता था।